शहीद के पिता बोले – गर्व है बेटे पर, उसके सर से खून टपक रहा था लेकिन ऐसे में भी उसने आतंकियों को मार गिराया

New Delhi : जम्मू कश्मीर में आतंकियों के साथ हुए मुठभेड़ में बिहार के भोजपुर के रहनेवाले जवान रमेश रंजन जरूर शहीद होगये लेकिन उन्होंने अपनी शहादत से पूरे बिहार का मान बढ़ा दिया. शहीद जवान के पिता राधामोहन सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बेटेपर गर्व है. उसने गोली लगने की परवाह नहीं की और अपनी शहादत से पहले आतंकियों के मार गिराया.

शहीद रमेश रंजन के पिता राधामोहन सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले उनका बेटा छुट्टी में घर आया था, छुट्टी खत्म होने के बादवो जम्मूकश्मीर अपनी ड्यूटी पर चला गया था. बेटे से हमेशा बात होती थी, कल शाम भी उनकी बात बेटे से हुई थी. फिर उसकेबटालियन के कमांडेंट का फोन आया कि आतंकियों के साथ मुठभेड़ हुई है, जिसमें रमेश रंजन शहीद हो गया है. वे बिहार के भोजपुरजिले के रहने वाले हैं.

शहीद जवान के पिता राधामोहन सिंह

 

बेटे की शहादत पर रमेश के पिता का कहना है कि मुझे गर्व है कि मैं उस बेटे का बाप हूं जो आतंकियों को मार कर शहीद हुआ है. शहीदकी मां के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. शहीद के रिश्तेदारों का कहना है कि वे हम लोगों के लिए किसी आदर्श से कम नहीं हैं.

शहीद जवान रमेश रंजन वर्ष 2011 में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल 73 बटालियन में कॉन्स्टेबल पद पर बहाल हुए थे और उनकी पहलीपोस्टिंग संभलपुर उड़िसा में हुई थी, बाद में उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर में कर दी गई थी. जवान की शादी दो साल पहले ही हुई थी.

बता दें कि जम्मूकश्मीर के लवेपोरा इलाके में आतंकियों और सीआरपीएफ जवानों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन आतंकी ढेर हो गए. इसमुठभेड़ में केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) का एक जवान शहीद हो गया. लेकिन शहीद होने से पहले जवान ने देश के लिए ऐसाकारनामा किया कि वह अमर हो गया.

जवान के आवास पर शोकाकुल ग्रामीण

दरअसल, बुधवार को लवेपोरा में सुरक्षाबलों को आतंकियों के होने की खबर मिली थी, जिसके बाद सुरक्षाबलों ने इलाके में सर्चअभियान चलाया और इलाके की घेराबंदी की. इसी दौरान आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी. आतंकियों ने जवान रमेशरंजन के सिर पर गोली मार दी.

गोली लगने के बाद भी रमेश ने रायफल संभाली और जवाबी फायर शुरू कर दिया. जमीन पर गिरतेगिरते रमेश ने एक आतंकी को ढेरकर दिया. फायरिंग की आवाज सुन बाकी जवान अलर्ट हो गए और दो और आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया.