दूल्हे ने लौटाया 21 लाख का दहेज,दुल्हन के पिता के सामने हाथ जोड़कर कहा-अब यही मेरी लक्ष्मी है

New Delhi: दहेज ना मिलने पर शादी टूटने की बात सुनी होगी, लेकिन 21 लाख का दहेज ठुकराकर शादी करना ये आपने पहले नहीं सुना होगा। आज हम आपको एक ऐसे ही राजपूत दूल्हे की कहानी बता रहे हैं जिसने दहेज के बिना शादी कर समाज के सामने एक अनोखी मिसाल पेश की है। इस अनोखी मिसाल को पेश करने में दूल्हे के परिवार वालों ने भी उनका साथ दिया है।

यह अनोखी मिसाल राजस्थान के चित्तौड़गढ़ के प्रताप नगर में देखने को मिली। बारात पाली से आई थी। पाली से आई इस बारात की हर जगह तारीफ हो रही है। गणपत सिंह पंवार की बेटी नीतू कंवर बिरला अस्पताल में डॉक्टर हैं। शादी की सारी रस्में हुई और फिर बात दहेज की आई तो दूल्हे और उसके परिवार ने दहेज लेने से साफ इनकार कर दिया। टीके में बतौर दहेज दिए गए 21 लाख रुपए भी दूल्हे के परिवार ने लेने से मना कर दिया था। शगुन के नाम पर बस एक रुपया लिया। आज के समय में ऐसे मिसाल बहुत कम देखने को मिलते हैं।

पिता ने बताया कि मेरे लिए यह सबसे खुशनसीब दिन है कि मेरे बेटे की शादी के जरिए मैं समाज में एक अच्छा संदेश दे पाया हूं। लड़की वालों ने टीके में 21 लाख रुपए दिए थे। लेकिन हम बिना दहेज के शादी करना चाहते थे और वही हुआ। हमारे परिवार ने शादी से पहले ही तय ​कर लिया था कि बेटा सरकारी नौकरी लगा हुआ तो क्या हुआ? हम बिना दहेज की शादी करके उन लोगों के सामने मिसाल पेश करेंगे, जो दहेज में अच्छी खासी रकम नहीं मिलने पर शादी तक तोड़ देते हैं।

वहीं लड़के वालों की बात सुनकर दूल्हन के पिता का गला रुंध गया। वह भावुक हो गए। रोते हुए पिता ने कहा कि- उन्होंने कल्पना भी नहीं कि थी कि दहेज के लिए बेटियों को बलि चढ़ा देने वाले इस माहौल ऐसे अच्छे समधि मिलेंगे, जो बिना दहेज के शादी करेंगे।