भगवान शिव के जैकारों के साथ आज विधिवत रूप से रवाना होगा कैलाश मानसरोवर यात्रा का पहला जत्था

New Delhi: विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कल कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जाने वाले यात्रियों का पहला जत्था रवाना किया। यात्रियों का यह पहला जत्था बुधवार को हल्दानी पहुंच गया। अब हल्दानी के बाद विधिवत रूप से यात्रा का शुभारंभ होगा। यहां पर कुमांऊं मंडल विकास निगम की तरफ से यात्रियों के स्वागत के लिए जोरदार तैयारियां की गई हैं।

कुमाऊं मंडल विकास निगम के महाप्रबंधक अशोक जोशी ने बताया कि कुमांऊं में यात्रियों का स्वागत कुमाऊंनी परंपरा और भगवान शंकर के भजनों के साथ किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहले दल के सभी यात्रियों का पहले स्वास्थ्य परीक्षण किया गया उसके बाद दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यात्रियों के इस पहले जत्थे में 10 महिलाएं हैं। इसमें कुल 59 यात्री हैं जिसमें विजय कुमार ( दिल्ली के मंत्री ), उत्तरप्रदेश के अखिलेश सिंह रावत ( जनसंपर्क अधिकारी) भी शामिल हैं। इसमें उत्तराखंड के कुल 5, चंडीगढ़, हिमाचल, कर्नाटक से एक-एक, दिल्ली से 10, गुजरात से 15, हरियाणा से 3, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, पश्चिम पंगाल से दो-दो, राजस्थान से 8, उत्तरप्रदेश से 7 यात्री हैं।

प्रबंधक रमेश चंद्र पांडेय ने बताया कि यात्रियों के पहले जत्थे को दोपहर का भोजन  भी दिया जाएगा। इसके अलावा कुमाऊंनी व्यंजन भट की चुड़कानी, झिंगूरे की खीर, कड़ी पकौड़ा, भांग की चटनी भी दी जाएगी। अशोक जोशी ने कहा कि यात्रियों को जहां-जहां रोका जाएगा वहां पर कुमाऊंनी व्यंजन परोसा जाएगा। इसके अलावा नार्थ और साउथ की डिश भी  दी जाएंगी।

गौरतलब है कि एस जयशंकर ने इस यात्रा के लिए चीन का शुक्रिया अदा किया और कहा कि यह दोनों देश के बीच लोगों के आने-जाने (पीपल टू पीपल एक्सचेंज), दोस्ती और समझ को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री ने कहा कि कैलाश मानसरोवर की यात्रा को लेकर हर दिन लोगों की रुचि बढ़ती जा रही है। यात्रियों का यह जत्था लिपुलेख दर्रे से होकर कैलाश मानसरोवर पहुंचेगा।