इस बार देरी से आएंगे लोकसभा चुनाव के अंतिम नतीजे

चुनाव आयोग ने कहा है कि इस बार के आम चुनाव के नतीजों में देरी होगी। पांच से छह घंटे तक की देरी। इस चुनाव में पहली बार VVPAT (वोटर वेरिफियेबल पेपरऑडिट ट्रायल) का इस्तेमाल हुआ है, जिसकी वजह से देर होगी। VVPAT लगी EVM का इस्तेमाल पहली बार पूरे देश में इस आम चुनाव में किया गया है। हालाकिं इससे पहले भी कई राज्यों के चुनावों में इसका इस्तेमाल किया जा चुका है। चुनाव आयोग के सीनियर डिप्टी कमिश्नर उमेश सिन्हा ने एक इंटरव्यू में कहा है कि ईवीएम की गिनती ख़त्म होने के बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक़ वीवीपैट रिज़ल्ट से उसे मैच किया जाएगा। इस बार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच वीवीपैट मशीनों और ईवीएम नतीजों को मिलान किया जाएगा जबकि पहले हर विधानसभा क्षेत्र में एक वीवीपैट मशीन का इस्तेमाल किया जाता था।


वीवीपैट इस बात को तय करने में मददगार होगी कि ईवीएम में मतदाता ने जिस दल को वोट दिया है वो वीवीपैट से मैच कर रहा है या नहीं। पिछले आम चुनाव में इस मशीन का इस्तेमाल कुछ जगहों पर हुआ था।

EVM पर संदेह करते हुए 21 विपक्षी दल सुप्रीम कोर्ट गए थे। उनकी मांग थी कि प्रत्येक निर्वाचन क्षेत्र से 50 फीसदी वोटों का मिलान VVPAT से किया जाए। इसपर चुनाव आयोग ने कहा था कि 50 फीसदी वोट के मिलान से नतीजे आने में कम से कम पांच दिन लग जाएंगे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से पांच मशीनों का VVPAT से मिलान किया जाएगा।

चुनाव आयोग के अनुसार- इन पाँचों मशीनों को रैंडमली ही उठाया जाएगा , और उसका VVPAT से मिलान किया जाएगा।