आं’तकी फंडिंग रोकने में नाकाम पाकिस्तान को “ब्लैक लिस्ट” करेगा FATF

New Delhi : दुनियाभर में  आतं’कवाद की फंडिंग पर नजर रखने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) के अध्यक्ष मार्शल बिलिंग्सल ने फाइनेंशियल वॉचडॉग की मीटिंग के बाद यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान “ब्लैक लिस्ट” हो सकता है। मार्शल बिलिंग्स की यह टिप्पणी फ्लोरिडा के ओरलैंडो में आयोजित FATF प्लेनरी के अंत में एक प्रेस ब्रीफिंग में आई , जिसका एक ऑडियो कॉल भी प्रेस में जारी किया गया ।


FATF का कहना है कि पाकिस्तान आ’तंकी फंडिंग रोकने के लिए दिए निर्देशों का पालन निर्धारित समय (मई, 2019) तक करने में असफल रहा है। यही नहीं संस्था ने पाकिस्तान से यह भी दो टूक कह दिया था कि उसने अक्टूबर, 2019 तक आतंकवाद के खिलाफ संतोषजनक कदम नहीं उठाया तो उसे काली सूची में डाल दिया जाएगा यानि उसको प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। एफएटीएफ की यह चेतावनी पाकिस्तान के लिए किसी सदमे से कम नहीं है। एफएटीएफ का अगला कदम पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए काफी बुरा साबित हो सकती है।
बता दें कि FATF जोकि देशों के आतंकी फंडिंग रोकने पर नजर रखता है, उसने ने फरवरी 2019 में पाक को खरी-खरी सुनाते हुए तीखी चेतावनी भी दी थी। फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स ने कहा था कि लश्कर, जैश और जमात उद दावा जैसे आ’तंकी संगठनों की फंडिंग पर सही तरीके से लगाम लगाने में पाकिस्तान नाकामयाब रहा है।पाकिस्तान को इन अपनी इन रणनीतिक कमियों से पार पाने के लिए काम करना चाहिए। पाकिस्तान अपने इन आतंकी संगठनों- दाएश, अल कायदा, जमात-उद-दावा और उसी का अंग फलह-ए-इंसानियत फाउंडेशन, लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और तालिबान से उत्पन्न हो रहे ख’तरे को नजरअंदाज कर रहा है। FATF ने पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए उसे मई 2019 तक टारगेट पूरे करने के निर्देश दिए थे।लेकिन पाकिस्तान अभी भी उस टारगेट को पूरा करने में नाकाम होता दिख रहा है। चीन FATF के सदस्य देशों में शामिल है,और इस समय पाकिस्तान का साथ देने वाला इकलौता देश है। इसी वजह से उसने पाकिस्तान को ब्लैक लिस्ट में शामिल होने से बचाया है।