PM के पूर्व आर्थिक सलाहकार द्वारा GDP के ऑकड़ो पर उठाए गए सवालों का जवाब देगी सरकार

New Delhi: प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने पूर्व आर्थिक सलाहकार ने अरविंद सुब्रमण्यम द्वारा GDP के ऑकड़ो पर उठाए गए सवालों को खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद ने कहा कि वह पूर्व आर्थिक सलाहकार द्वारा लगाए गए हर आरोपों का क्रमश: जवाब देगी। पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कुछ दिनों पहले अपने रिपोर्ट में 2011 से 2017 के बीच भारत के GDP के ऑकड़ो पर सवाल उठाए थे।

भारत के पूर्व आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम ने कहा था कि 2011 से 2017 के बीच GDP ऑकड़ो को काफी बढ़ा चढ़ा कर बताय गया था, जबकि इस दौरान GDP में सिर्फ 4.5 फिसदी की बढ़त हुई है। उन्होंने कहा कि इस दौरान जीडीपी में 7 फीसदी नहीं बल्कि सिर्फ 4.5 फीसदी की बढ़त हुई है। पूर्व मुख्य आर्थिक सलाहकार सुब्रमण्यन ने अपने ट्विटर एकाउंट पर शोध पत्र में प्रस्तुत किए गए सबूत भी दिए थें।

अरविंद सुब्रमण्यम ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में हाल में छपे एक रिसर्च पेपर में यह दावा किया था कि 2011 से 2017 में GDP ग्रोथ रेट को काफि बढ़ा चढ़ा कर पेश किया गया है। इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार इस रिसर्च पेपर में अरविंद सुब्रमण्यन का कहना है कि वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2016-17 के दौरान देश की आर्थिक विकास दर को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया। वित्तीय वर्ष 2011-12 और 2016-17 के दौरान विकास दर का आधिकारिक आंकड़ा सात फीसदी के करीब था, जबकि सुब्रमण्यम के अनुसार, असल जीडीपी करीब 4.5 फीसदी ही थी। इन वित्तीय वर्षों में विकास दर करीब 2.5% बढ़ाकर दिखाई गई।

सुब्रमण्यम के अनुसार, जीडीपी के गलत मापन का सबसे बड़ा कारण मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर रहा। सुब्रमण्यम ने कहा कि साल 2011 से पहले मैन्यूफैक्चरिंग उत्पादन, मैन्यूफैक्चरिंग उत्पाद और औद्योगिक उत्पादन सूचकांक और मैन्यूफैक्चरिंग निर्यात से संबंधित होता था, लेकिन बाद के सालों में इस संबंध में काफी गिरावट आई है। सुब्रमण्यम की रिसर्च पेपर के अनुसार, जीडीपी ग्रोथ के लिए 17 अहम आर्थिक बिंदु होते हैं, लेकिन एमसीए-21 डाटाबेस में इन बिंदुओं को शामिल ही नहीं किया गया। अरविंद सुब्रमण्यम ने देश के आर्थिक विकास के लिए बनाई जाने वाली नीतियों पर भी सवाल उठाए हैं। सुब्रमण्यम के अनुसार, भारतीय पॉलिसी ऑटोमोबाइल एक गलत स्पीडोमीटर से आगे बढ़ रहा है।