डोभाल के साथ खाना खानेवाले ने कहा-अगर मुझे पता होता कि ये NSA डोभाल हैं तो मैं उनसे नहीं मिलता

New Delhi : कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाने के बाद विपक्ष ने इस पर तीखी बहस की थी और सवाल उठाए थे। इसके राज्यसभा में पास होने के एक दिन बाद यानी 7 अगस्त को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल का एक वीडियो सामने आया था। इस वीडियो में डोभाल आम नागरिक की तरह कश्मीर के फुटपाथ पर आम लोगों के साथ खाना खाते दिखाई दे रहे थे। अब अजीत डोभाल के साथ जिस व्यक्ति ने खाना खाया था उसका कहना है कि उस वीडियो को लेकर समाज में उन्हें अलग ढंग से देखा जाने लगा है। इससे वो और उनका परिवार परेशान हैं।

अंग्रेजी अख़बार ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ में छपी ख़बर के मुताबिक़, इस शख़्स का नाम मंसूर अहमद मागरे है। ये उन लोगों में से एक हैं जिन्होंने अजीत डोभाल के साथ खाना खाया था। 62 साल के मंसूर अहमद मगरे, एक सामाजिक कार्यकर्ता और सेवानिवृत्त वन रेंज अधिकारी कहते हैं। इस वजह से उन्हें लोगों द्वारा अब सुझाव दिए जा रहे हैं कि उस दिन उन्हें उनके साथ नही होना चाहिए था।

‘द इंडियन एक्सप्रेस’ के मुताबिक़, मंसूर अहमद मागरे को लगा कि जैकेट पहना हुआ यह आदमी जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह का कोई निजी सहायक है। अख़बार के मुताबिक़, मागरे ने कहा, ‘जब मैं उनसे (डोभाल) बात कर रहा था, अचानक मैंने देखा कि डीजीपी और एसपी साहब उनके सम्मान में अपने हाथ पीछे बाँधे हुए खड़े हैं। तब मैंने सोचा कि वह व्यक्ति उनका निजी सहायक नहीं हो सकता है।’ मैंने उनसे पूछा, ‘सर, मुझे आपका परिचय चाहिए। तब उन्होंने मुझे बताया कि वह देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एनएसए हैं।’ 62 साल के मागरे रिटायर्ड वन अधिकारी हैं और सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं।

वो कहते हैं कि अगर मुझे पता होता कि मैं डोभाल से मिल रहा हूं तो मैं नहीं जाता। और वहां से चला जाता। वह कहते हैं कि वह इस धारणा के तहत थे कि “जैकेट पहने हुए आदमी” जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह के निजी सहायक थे। और वीडियो की प्रतिक्रियाएँ, जब से इसे जारी किया गया था, ने उन्हें और उनके परिवार को प्रभावित किया है।