सबसे बड़ा ज’ल्लाद बोला-एकदम तैयार बैठा हूं,निर्भया के जा’लिमों को फां’सी पर ल’टकाने में देर मत करो

New Delhi : निर्भया और हैदराबाद की महिला डॉक्टर जैसे रूह कंपा देने वाले कांड घर बैठे नहीं रुक सकते। इसके लिए बहुत जरूरी है कि जितनी जल्दी हो सके निर्भया के मुजरिमों को फां’सी पर लटका दो।

डॉ. हैदराबाद की महिला डॉक्टर के ह’त्यारों को जल्दी से मु’जरिम करार दिलवा दीजिए। हिंदुस्तान में निर्भया और हैदराबाद कां’ड खुद-ब-खुद ही बंद हो जाएंगे। जब तक ऐसे जा’लिमों को मौ’त के घा’ट नहीं उतारा जाएगा तब तक बाकी बचे हुए ऐसे क्रू’र इंसानों में भला भय कैसे पैदा होगा?

यह किसी मुंबईया फिल्म का डायलॉग नहीं, बल्कि देश के सबसे बड़े ज’ल्लाद पवन की मुंहजुबानी है। फिलहाल मेरठ में मौजूद पुश्तैनी ज’ल्लाद पवन ने न्यूज़ एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए अपने दिल में उठ रहे तमाम गुबार को बेझिझक निकाला। बकौल पवन, अगर निर्भया के ह’त्यारों को सरकार लट’का चुकी होती तो शायद, हैदराबाद की मासूम बेकसूर डॉक्टर बेमौ’त मरने से बच गई होती।

निर्भया के ह’त्यारों को आखिर तिहाड़ जेल में पालकर रखा ही क्यों जा रहा है? निर्भया कांड के मुजरिम हों या फिर हैदराबाद की महिला डॉक्टर के ह’त्यारे, इनका इलाज जब तक आनन-फानन में नहीं होगा, तब तक यह मुसीबतें समाज में बरकरार रहेंगीं।”

पवन ने कहा, “मैं तो एकदम तैयार बैठा हूं। निर्भया के मुजरिमों के डेथ-वारंट मिले और मैं तिहाड़ जेल पहुंचूं। मुझे मुजरिमों को फां’सी के फंदे पर टांगने के लिए महज दो से तीन दिन का वक्त चाहिए। सिर्फ ट्रायल करुंगा और अदालत के डेथ वारंट को अमल में ला दूंगा।

मैं खानदानी ज’ल्लाद हूं। इसमें मुझे शर्म नहीं लगती। मेरे परदादा लक्ष्मन ज’ल्लाद, दादा कालू राम ज’ल्लाद, पिता मम्मू ज’ल्लाद थे। मतलब ज’ल्लादी के इस खानदानी पेशे में मैं अब चौथी पीढ़ी का इकलौता ज’ल्लाद हूं।