अमरनाथ यात्रा का 15 अगस्त को होगा समापन,अब तक लाखों श्रद्धालु कर चुके हैं दर्शन

New Delhi : सावन माह के पहले सोमवार के दिन 3,000 से अधिक तीर्थयात्री अमरनाथ मंदिर के लिए भगवती नगर बेस कैंप से बाबा बर्फ़ानी के दर्शन के लिये निकल चुके हैं।। 1 जुलाई 2019 को शुरू हुई बाबा अमरनाथ की 46 दिवसीय यात्रा 15 अगस्त को समाप्त होने जा रही है। अधिकारियों के अनुसार रविवार की शाम तक, 2.72 लाख श्रद्धालु बाबा बर्फ़ानी के दर्शन कर चुके हैं।

सोमवार को बाबा बर्फ़ानी के दर्शन के लिये 21वा जत्था भगवती नगर बेस कैंप से निकल चुका है यात्रा के लिए अब तक बेस कैंप से 99,405 श्रद्धालु दर्शन के लिये निकल चुके है। अधिकारियों ने बताया कि सोमवार तड़के सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच 128 वाहनों के काफिले में नये जत्थे के 3,178 तीर्थयात्री पहलगाम और बालटाल बेस कैंप के लिए निकल चुके है। जिनमें से 261 महिलाये, चार बच्चे और 142 साधुओं सहित 1,634 तीर्थयात्री पहलगाम बेस कैंप और वहीं 514 महिलाये और 39 बच्चों सहित 1,544 तीर्थयात्रियों ने बालटाल बेस कैंप के लिये रवाना हो गये हैं।

श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि दोनों ट्रैक से तीर्थयात्रा सुचारू रूप से चल रही है,तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए सोमवार शाम या मंगलवार सुबह तक पिछले साल के आंकड़े को पार करने की संभावना है।

बाबा अमरनाथ की यात्रा में हर साल श्रद्धालु बड़े ही उत्साह के साथ भाग लेते है। पिछले वर्ष में 2.85 लाख तीर्थयात्रियों ने धर्मस्थल पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए थे,जबकि तीर्थयात्रियों की संख्या 2015 में 3.53 लाख, 2016 में 3.20 और 2017 में 2.60 थी।

अमरनाथ यात्रा के दौरान इस साल अभी तक विभिन्न कारणों से 22 लोगों की मौ’त हो चुकी हैं। इनमें से 6 लोगों की मौ’त तो महज पिछले 4 दिनों में ही हुई हैं। अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित तीर्थस्थल की तीर्थयात्रा के दौरान पिछले चार दिनों में छह लोगों की मौ’त हो चुकी हैं। ये लोग दक्षिण कश्मीर में हिमालय पर 3,888 मीटर की ऊँचाई पर स्थित श्री अमरनाथजी की पवित्र गुफा की यात्रा के लिए गए थे।

तीर्थयात्रा के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा सुरक्षा के तमाम इंतजाम किए गए हैं। जम्मू हाईवे को भी तीर्थयात्रा को दौरान बंद कर दिया गया था।अधिकारियों ने कहा कि इनके अलावा, 1 जुलाई को तीर्थयात्रा शुरू होने के बाद से पत्थरबाजी और अन्य कारणों से 30 अन्य को चोटें आई हैं। श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों को नियमित स्वास्थ्य परामर्श करने के लिए प्रेरित किया जाता है। गुफा मंदिर के आस-पास के क्षेत्र में ऑक्सीजन की कमी से हृदय गति रुकने के कारण होने वाली मौतें आम हैं।