हिन्दू धर्म के 3 सबसे बड़े सवाल जिसका उत्तर कोई नही जानता, सिर्फ कथाओं में होती है चर्चा

New Delhi: धर्मग्रंथ नहीं पढ़ पाने या बच्चों को बचपन में धार्मिक शिक्षा नहीं दे पाने के कारण वे हिन्दू धर्म को अच्छे से समझ नहीं पाते और जिंदगीभर वे गफलत में जीते हैं।
जिसके चलते उनके मन में बहुत सारे सवाल उत्पन्न होते हैं तथा हकीकत यह है कि उन सवालों के उन्हें उत्तर भी अलग-अलग मिलते हैं, क्योंकि सभी लोग उनके जैसे ही हैं, जो मनमाने या मन से उत्तर देने में निपुण हैं। हमने यहां आपके मन में उत्पन्न हो रहे सभी सवालों में से 3 सवालों को प्रमुख रूप से लेकर उसके उत्तर को शास्त्र पढ़कर प्रस्तुत किया है। आप उनके बारे में अधिक से अधिक जानने का प्रयास करेंगे तो ज्ञानवर्धन होगा, क्योंकि यहां संक्षिप्त रूप में उत्तर दिए जा रहे हैं।

अमृत कलश- जब देवताओं और असुरो ने मिलकर एक समुद्र मंथन किया था।जिससे अमृत कलश की प्राप्ति हुई थी और इस अमृत को पीकर सभी देवता अमर हो गए थे।तो क्या अमृत कलश को फिर से खोजा जा सकता है।

संजीवनी बूटी-  संजीवनी बूटी हिमालय में पाई जाती थी जब मेघनाथ द्वारा नागास्त्र के प्रभाव के कारण लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे तब लंका से राजवैध को बुलाया गया था और उसने संजीवनी बुटी की मांग की थी।तब हनुमान जी हिमालय से संजीवनी बुटी लेकर आये थे।तो हिमालय में संजीवनी बुटी को पुनः खोजा जा सकता है।

कल्प वृक्ष- जब सभी देवी देवताओं के द्वारा ने मिलकर समुद्र मंथन किया था।तो इससे कल्पवृक्ष निकला था यह वृक्ष वह वृक्ष था जिसके निचे बैठकर जो भी मांगो वही मिल जाता था।क्योकि इस वृक्ष में अपार ऊर्जा का भण्डार होता था।इस वृक्ष का स्थापन इंद्र ने उतरी हिमालय में सुरखनन्द नामक पर्वत पर की थी।लेकिन इसे आज तक नही खोज पाये है।

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