थावरचंद्र गहलोत होंगे राज्यसभा में सदन के नेता, अरुण जेटली की लेंगे जगह

New Delhi : सामाजिक अधिकारिता और न्याय मंत्री थावरचंद गहलोत राज्यसभा में सदन के नेता होंगे। गहलोत अरुण जेटली की जगह लेंगे। अरुण जेटली ने स्वास्थ्य कारणों से नरेंद्र मोदी कैबिनेट में शामिल होने से मना कर दिया था। उन्होंने कहा था कि वो अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहते हैं।

अरुण जेटली राज्यसभा में सदन के नेता थे। लेकिन उनके स्वास्थ्य कारणों की वजह से वो इस बार ये जिम्मेदारी नहीं निभा पाएंगे। अरुण जेटली भाजपा के कद्दावर नेताओं में से एक है। उन्होंने लंबे समय तक पार्टी के लिए काम किया है। लेकिन अब वो सार्वजनिक कार्यक्रमो से थोड़े दूर ही दिखते हैं।

थावरचंद गहलोत मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं। 2014 में नरेंद्र मोदी की पहली बार सरकार बनने के बाद उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया था। अरुण जेटली की अनुपस्थिति में उन्हें बेहद महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल रही है। राज्यसभा में वर्तमान में भाजपा को बहुमत नहीं है। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड जीत मिलने से अगले साल तक राज्यसभा में उसे बहुमत मिल सकता है।

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भाजपा का राज्यसभा में बहुमत नहीं है। ऐसे में सरकार को कोई भी बिल पास कराने में काफी मुश्किल होती है। थावरचंद गहलोत के सामने कई चुनौतियां भी हैं। राज्यसभा में सभी पार्टियों के साथ वो कैसे तालमेल बिठा पाते हैं इसपे सबकी नजर होगी।

थावरचंद गहलोत ने मंगलवार को उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू से मुलाकात की थी। उपराष्ट्रपति ही राज्यसभा के सभापति होते है। उसके बाद से ही कयास लगने शुरू हो गए थे कि उन्हें कुछ महत्वपूर्ण ज़िमेदारी मिलने वाली है।