इंसान नहीं फरिश्ता है ये कलेक्टर: नौकरी मांगने पहुंचे 12 दिव्यांग तो उनके लिए खोल दिया कैफे

New Delhi: बहुत कम बार ऐसा होता है जब आप कुछ चाहे और आपको उससे ज्यादा मिल जाए। आज के समय में ऐसा हो जाए तो लोग ऊपर वाले को ही शुक्रिया अदा करते हैं। एक ऐसा ही वाकया हुआ है तमिलनाडु में। 12 दिव्यांग नौकरी मांगने के लिए कलेक्टर के पास पहुंचे तो कलेक्टर ने दिव्यांगो के लिए कैफेटेरिया खुलवा दिया। सुन के अच्छा लगा ना? यही हुआ है जिसके बाद से थूथुकुडी जिला कलेक्टर की काफी तारीफ हो रही है।

तमिलनाडु के थूथुकुडी जिले का कलेक्टर परिसर इन दिनों चर्चा में है। इसकी वजह है कलेक्टर द्वारा दिव्यांगो के लिए कलेक्ट्रेट परिसर में ही खुलवाया गया ‘कैफे एबल।’ बात ऐसी है कि कुछ दिनों पहले 12 दिव्यांग कलेक्टर संदीप नंदूरी के पास नौकरी मांगने पहुंचे। इसके बाद कलेक्टर और दिव्यांगो के बीच काफी बातचीत हुई जिसके बाद Collector उनसे काफी प्रभावित हुए। कलेक्टर ने उन्हें कलेक्ट्रेट परिसर में ही कैफे खुलवाने का प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव को सभी ने स्वीकार कर लिया।

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12 में से 11 हैं 11 लोकोमोटर दिव्यांग –

इन सभी में से 11 लोग ऐसे हैं जिनके हाथ-पैर बिलकुल काम नहीं करते हैं। वहीं एक आदमी को सुनाई नहीं देता है। यह कैफे खुलवाने के बाद कलेक्टर संदीप ने कहा – सभी को सरकारी नौकरी देना संभव नहीं है। इसीलिए हमने इन्हें एक रोजगार दे दिया। अब ये लोग खुद मेहनत करेंगे जिसके बाद पैसा बढ़ाया जाएगा।

कलेक्टर संदीप ने बताया कि उन्होंने दिव्यांगों के लिए परिसर में ही रेस्तरां खुलवा दिया है। उस कैफे को दिव्यांग ही चलाते हैं। Collector अपनी मीटिंग उसी कैफे में करते हैं जिससे वहां लोगों का आना बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कैफे की रोज की कमाई 10 हजार रुपए है। यह कमाई कैफे में जमा हो जाती है जिसके बाद इसी से सभी को सैलरी दी जाती है।