हरियाणे की टैलेंटेड छोरी-12 साल की उम्र से कर रही IIT छात्रों से लेकर IAS अफसरों को मोटिवेट

New Delhi : उम्र महज 16 साल लेकिन टेलेंट की खान। एक हरियाणे की छोरी जो महज 10 साल की उम्र में अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, पर्सियन,जापानी, ब्रिटिश इंगलिश, अमेरिकन इंगलिश जैसी तमाम भाषाओं को बोलने लगी। भाषाओं को बोलना ही नहीं उन्हें उनके लहजे में बोलना बड़े बड़े अधिकारियों और अफसरों को चौंकाता है। इतनी छोटी उम्र में इतना ज्ञान होने के कारण आज इस लड़की को इंडिया की वंडर गर्ल के नाम से जाना जाता है।

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Posted by Venu's Kingdom on Sunday, July 29, 2018

लड़की का नाम है जाह्नवी पंवार जो हरियाणा के समालखा के एक छोटे से गांव मालपुर की रहने वाली लेकिन आज ये लड़की बड़े बड़े लोगों को अपनी जानदार स्पीच के जरिए मोटीवेट करती है। आज ये लड़की प्रभावशाली मोटिवेशनल स्पीकर के तौर पर जानी जाती है। जाह्नवी जब 2 साल की थी तो एक साधारण बच्चे की तरह उसके घरवालों ने हिंदी और अंग्रेजी के कुछ शब्दों का ज्ञान कराने के लिए फल-सब्जियों के नाम याद कराने शुरू किए थे। लेकिन माता पिता को क्या पता था कि जिसे आज वो अंग्रेजी में फल-सब्जियों के नाम याद करा रहे हैं वो कुछ सालों में कई भाषाओँ को बोलने लगेगी। जाह्नवी के माता पिता ने देखा कि उसके सीखने की क्षमता आम बच्चों से कहीं अधिक है।

जाह्नवी ने 5 साल की उम्र में अंग्रेजी के इतने शब्द याद कर लिए जितने किसी 10वीं क्लास के बच्चे को भी याद नहीं होते होंगे। सीखने की इसी इच्छा ने जाह्नवी को दूसरी भाषाओं को जानने के लिए प्रेरित किया। जब जाह्नवी को स्कूल भेजा गया तो वो बाकी बच्चों से ज्यादा सीखती थी ये देखकर शिक्षकों ने उसे और प्रेरित किया। जाह्नवी अपनी क्लास का सिलेबस दो तीन महीने में ही पढ़कर खत्म कर देती थी। सीखने की इस इच्छा को देखकर स्कूल वालों ने सरकार की अनुमति लेकर जाह्नवी को एक क्लास छोड़कर आगे की क्लास में प्रमोट करने का फैसला किया। जाह्नवी ने महज 9 साल की उम्र में ही अमेरिकन और ब्रिटिश भाषाओं के लहजे को सीख लिया था। अपनी इसी प्रतिभा का परिचय देते हुए जाह्नवी ने 13 साल की उम्र में ही 12वीं पास कर ली, वो भी फर्स्ट डिविजन के साथ।

आमतौर पर एक से एक पढ़ा लिखा व्यक्ति अंग्रेजी या दूसरी कोई भाषाएं एक उम्र के साथ बोलना सीख लेता है लेकिन भाषा में वो लहजा नहीं आ पाता जो अमेरिका या ब्रिटिश इंगलिश में दिखाई देता है। इस लहजे को सीखने के लिए लोग लाखों रुपये खर्चते हैं। लेकिन जाह्नवी आज 12 भाषाओं को न केवल जानती हैं बल्कि उनके लहजे पर भी अपना अधिकार रखती हैं। आज 16 साल की जाह्नवी दिल्ली के सत्यवति कॉलेज से बीए प्रोग्राम की पढ़ाई कर रही हैं और वो थर्ड यर में हैं। पढ़ाई के साथ साथ जाह्नवी बड़े-बड़े अफसरों आईआईटी के छात्रों को मोटिवेट कर पढ़ाने सिखाने का भी काम करती हैं। वे सुपर 30 क्लासेस में जाकर IIT-JEE की भी तैयारी करना चाहती हैं।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के सामने 8 राज्यों के आईएएस अफसरों को 12 साल की उम्र जाह्नवी संबोधित कर चुकी हैं। इसके अलावा प्रतिभावान जाह्नवी को देश के कई कॉलेज और स्कूलों में बतौर मोटिवेशनल स्पीकर बुलाया जाता है।

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