सुब्रमण्यम स्वामी ने संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान के भाषण को बताया “सड़क छाप”

New Delhi : भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने संयुक्त राष्ट्र में पाक पीएम इमरान खान के भाषण को सड़क छाप भाषण बताया है। शनिवार को सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा संयुक्त राष्ट्र में इमरान का भाषण सड़क किनारे का भाषण था जिसे साफ़ तौर पर पाकिस्तानी सेना के दबाव में दिया गया।

उन्होंने कहा वैश्विक मंच पर इमरान खान इस तरह से भाषण दे रहे थे जैसे वो किसी सड़क के किनारे खड़े होकर भाषण दे रहें हो। यही बहुत बुरा भाषण था सिर्फ आगंतुक गैलरी में बैठे लोग इस पर तालियाँ बजा रहे थे। स्वामी ने कहा संयुक्त राष्ट्र में आप किसी अन्य देश की घरेलू राजनीति पर टिप्पणी नहीं कर सकती लेकिन अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर आप बात कर सकते हैं।

इसके अलावा उन्होंने कहा हो सकता है इमरान के भाषण से पाकिस्तान के कुछ अशिक्षित लोग खुश होकर इसे बेहतर भाषण बता सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा हो सकता है इमरान ने पाकिस्तानी सेना के दबाव में ऐसा भाषण दिया हो क्योंकि सेना ने इमरान को नपुंसक कहा था।

आपको बता दें संयुक्त राष्ट्र में इमरान खान ने अपने संबोधन में कश्मीर का राग अलापा था। उन्होंने कहा था कि अनुच्छेद 370 से हटाए जाने से बौखलाए इमरान खान ने कहा कि कश्मीर में कर्फ्यू हटते ही खू’नख’राबा होगा।

पाक पीएम ने कहा था कि आतंकवाद का किसी धर्म से कोई नाता नहीं है। लेकिन मुस्लिम जब दूसरे देशों में जाते हैं तो उन पर शक किया जाता है। 9/11 से पहले दुनिया में सबसे ज्यादा सुसाइड अटैक तमिल टाइगर्स ने किए, वो एक हिंदुओं का संगठन था। किसी ने इसके लिए हिंदू धर्म को जिम्मेदार नहीं माना और मानना भी नहीं चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि जो पैसा गरीबों की मदद में इस्तेमाल होना चाहिए, उसे एलीट वर्ग के ये ‘अपराधी’ पाकिस्तान से बाहर लेकर जा रहे हैं।

पाक पीएम इमरान खान ने आरएसएस पर कई आरोप लगाए थे। इमरान ने कहा आरएसएस हिटलर की तरह मुसलमानों के जातीय नरसंहार करने में विश्वास रखता है। आरएसएस की इसी विचारधारा ने महात्मा गाँधी की हत्या की थी। इमरान खान ने कांग्रेस के पूर्व मंत्री सुशील कुमार शिंदे के बयान का जिक्र करते हुए कहा था आरएसएस की शाखाओं में आतंकवादी तैयार किए जाते है।