सुष्मिता बोलीं- फिल्म इंडस्ट्री के माफिया ने मुझे पब्लिकली शर्मिंदा कराया लेकिन मैं स्ट्रांग बनी रही

New Delhi : पूर्व मिस यूनिवर्स और बॉलीवुड की दमदार एक्ट्रेस सुष्मिता सेना ने फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म और माफिया पर कहा- मैंने इतनी सारी फिल्में देखी हैं, जहां मुझे आखिरी वक्त पर निकाल दिया गया। ऐसी फिल्मों की तादाद इतनी ज्यादा है कि मैं अब गिनती भूल चुकी हूं। मुझे बिना बताये फिल्मों से निकाल दिया जाता था जिसकी खबर मुझे अखबारों से मिलती थी। मुझे खुद बताया तक नहीं जाता था और वह भी तब जब मैं उसे अनाउंस कर चुकी होती थी और उसके बाद मुझे पब्लिकली शर्मिंदगी फील होती थी। लेकिन फिर मैंने खुद को यही समझाया कि जो फिल्में मुझे लेकर नहीं बनी शायद वह मेरे नसीब में नहीं थीं। खुद को हमेशा स्ट्रॉन्ग रखा।

उन्होंने कहा- इस इंडस्ट्री में आपको खुद पर भरोसा करना बहुत जरूरी है। कभी किसी को इतना हक मत दीजिये कि वह आपको फील करवा सके कि उसके बिना तो आप फिल्म इंडस्ट्री में टिक ही नहीं पायेंगे। हर दिन एक सा नहीं होता और मैं यही मानती हूं। अगर मेरी कोई कोशिश नाकाम होती है तो दिल दुखता है क्योंकि दिल सबका टूटता है लेकिन अपने आप को समझाना पड़ता है। यह हम पर है कि हम कितनी जल्दी उठ खड़े होते हैं। मैं खुद से यही कहती हूं कि अगर यह कोशिश विफल रही तो कोई बात नहीं अगली बार कोशिश सफल होगी। आपको खुद समझाना पड़ता है।
उन्होंने कहा- मैं फिल्मों से 10 सालों तक दूर थी लेकिन अपने फैंस से नहीं और इसीलिये मेरा फिल्मों में वापसी करना निश्चित था। फिर मुझसे दूर रहने की यही वजह थी कि मुझे अच्छी स्क्रिप्ट नहीं मिल रही थी। मुझे ओल्ड स्कूल रोल्स ऑफर हो रहे थे। शायद मुझे लगता है मैं किसी फिल्मेकर को उस वक्त इंस्पायर नहीं कर पा रही थी कि मुझे अच्छे रोल ऑफर करें।

मुझे मेरा किरदार पसंद नहीं आ रहा था तो मैंने ब्रेक लेकर सही रोल का वेट किया लेकिन जब आर्या के डायरेक्टर राम वाधवानी मेरे पास आये तो मुझे कहानी बेहद पसंद आई मैंने हामी भर दी। आर्या में मेरा किरदार बहुत ही प्रोग्रेसिव महिला का है। एक प्यारी दक्ष होममेकर से डॉन बनने तक की जर्नी है। एक स्ट्रॉन्ग किरदार है। इस सीरीज के रिलीज होने के पहले ही 5 सीजन लिखे जा चुके हैं।

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