जब भी बल्लेबाजी पर बनता था प्रेशर, तब सब कहते थे सुरेश रैना पिच पर है न

New Delhi : भारतीय टीम के होनहार बल्लेबाज सुरेश रैना का आज जन्मदिन हैं। बाएं हाथ से बल्ला चलाकर गेंदबाजों की छुट्टी करने में माहिर हैं रैना। उनकी चीते सी फुर्ती के फैंस दीवाने हैं। सुरेश रैना काफी समय से न जाने कहां खो गए हैं। वो ईद का चांद हो गए हैं। कोहली और शास्त्री जी के हाथ में टीम की कमान हैं। अब जब टी 20 वर्ल्ड कप में इतना कम समय बचा है तो उम्मीद लगाई जा रही है कि सुरेश की वापसी जल्द ही टीम में हो सकती है। हमारे बीसीसीआई के प्रेसीडेंट से ये उम्मीद तो लगाई जा सकती है कि वो सुरेश को एक बार टीम में वापिस लाने की कोशिश करेंगे।

सुरेश रैना टेस्ट, ODI और टी20 में सेंचुरी बनाने वाले पहले भारतीय क्रिकेटर हैं। टी20 फॉर्मेट में सबको पछाड़ने वाले खिलाड़ी हैं। ये फॉर्मेट उन्हें बहुत सूट करता है। जब मन करता है तो बाउंड्री को अपने छक्के से नाप लेते हैं। युवराज जो अपने क्लीन छक्के के लिए जाने जाते रहे हैं अगर उनकी पावर को कोई मैच कर पाया तो वो हैं सुरेश। रैना ने अब तक 78 टी20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इन मैचों में उन्होंने 1604 के आस पास रन बनाए हैं। एक सेंचुरी और पांच अर्धशतक का कमाल है सब। रैना का स्ट्राइक रेट 135 के आस पास है। सुरेश रैना प्रेशर में भी बेखौफ होकर खेलने वाले खिलाड़ी हैं।

जिस तरह की गलतियां भारत ने 2019 में वर्ल्ड कप में की थी वो गलती अब नहीं दोहरानी चाहिए। रैना अभी फिट हैं और उम्र भी खेलने के लिए सही है। वो एक भरोसेमंद फिनिशर हैं। ऐसे में समझ नहीं आ रहा कि भारत को किसका इंतजार है। टीम का एक खास खिलाड़ी बाहर है और टी20 मैचों में लगातार टीम की परफोर्मेंस गिर रही है। उनके जन्मदिन पर यही उम्मीद है कि वो एक बार फिर नीली जर्सी में भारत के लिए इंटरनेशनल मैचों के लिए उतरें और भारत का मान बढ़ाएं।