आयोध्या फैसले पर कुमार विश्वास ने कहा, बोलिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जय

New Delhi : अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ गया है। इस फैसले का पूरे देश को इंतजार था। मुख्यन्यायाधीश ने कहा-विवादित जमीन को रामजन्मभूमि न्यास को दी जाए। राम लला का दावा बरकरार है। इस पर कुमार विशवास ने फैसला के स्वागत किया।

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि “गिरा अरथ जल बीचि सम कहिअत भिन्न न भिन्न। बंदउँ सीता राम पद जिन्हहि परम प्रिय खिन्न॥”बोलिए मर्यादा पुरुषोत्तम राम की जय (इस जयकार के बाद “मर्यादा” शब्द को दोबारा ज़रूर दोहराइए, पालन कीजिए अन्यथा इस समय छलक उठे ख़ुशी के आँसुओं के साथ न्याय नहीं होगा )

इससे पहले कोर्ट ने कहा मुस्लिमों को दूसरी जगह दी जाए। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिमों को दूसरी जगह देने के लिए ट्रस्ट बनाया जाए। मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन अलॉट की जाए।
कोर्ट ने कहा- अंग्रजों के समय में नमाज को कोई सबूत नहीं। विवादित जमीन पर मुस्लिम दावा नहीं साबित कर पाए। हिंदू सीता रसोई में पूजा करते थे। मुस्लिम पक्ष का जमीन पर कोई विशेष कब्जा नहीं है।

CJI ने कहा कि 1949 में दो मूर्तियां रखी गईं। उन्होंने कहा कि मस्जिद बाबर के दौर में बनाई गई। मस्जिद मीर बाकी ने बनाई थी। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा भी खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि निर्मोही अखाड़े को सेवायत का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। हम खुदाई में मिले सबूतों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। खुदाई में जो मिला वो इस्लामिक ढांचा नहीं था। ASI ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर की बात कही है। ASI ने मस्जिद या ईदगाह का जिक्र नहीं किया है। अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया।