सुप्रीम कोर्ट नाराज़ – हमने कहा नहीं तो घटाया कैसे जुर्माना-पेमेंट, टेलीकॉम मालिकों को जेल भेज दूंगा

New Delhi : सुप्रीम कोर्ट ने Adjusted Gross Revenue (AGR) मामले में आज कहा है कि टेलीकॉम कंपनियों पर बकाया राशि काफिर से आकलन (रीएसेसमेंट) करना कोर्ट की अवमानना होगी. जरूरत पड़ी तो हम सभी टेलीकॉम कंपनियों के एमडी को कोर्ट बुलाकरयहीं से जेल भेज देंगे.

सुप्रीम कोर्ट टेलीकॉम कंपनियों के लिए केंद्र के अनुरोध पर भड़क गया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कियह सरासर अवमानना है…”. सुप्रीमकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर टेलीकॉम कंपनियों के मालिक चाहते हैं तो उनको कोर्ट बुला कर यही से जेल भेज देंगे. दूरसंचार मंत्रालय को फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा कि किसने बकाया राशि के लिए पुनर्मूल्यांकन करने के लिए कहा.

कोर्ट ने कहा कि यह अवमानना का मामला बनता है. जो हो रहा है वो बेहद चौकाने वाला है. बकाया राशि के भुगतान का पुनर्मूल्यांकनकी हमने इजाजत नहीं दी तो ये कैसे हुआ -“क्या हम मूर्ख है‘. सुप्रीम कोर्ट ने कहाटेलीकॉम कंपनियां को लगता है कि वो संसार मेंसबसे पॉवरफुल है.

सुप्रीम कोर्ट ने दो टूक कहा कि की बकाया राशि का पुनर्मूल्यांकन नही होगा. जस्टिस अरुण मिश्रा ने कहा कि टेलीकॉम कंपनियों कोकोर्ट के आदेश के मुताबिक भुगतान करना ही होगा. कंपनियों को ब्याज और जुर्माना दोनों ही देना ही होगा. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वोटेलीकॉम कंपनियों को भुगतान की समय सीमा देने की केंद्र की अर्जी पर अगली सुनवाई में तय करेगा. दो हफ्ते बाद सुप्रीम कोर्ट इसमामले में अगली सुनवाई करेगा.

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