बुलंदशहर हिंसा: इंस्पेक्टर सुबोध के पार्थिव शरीर को लाया गया एटा, श्रद्धाजंलि अर्पित करने जुटा पूरा गांव

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NEW DELHI:  UP के बुलंदशहर शहर में गोवंश के कुछ टुकड़े मिलने पर 3 दिसंबर को बवाल हो गया। लोगों ने पुलिस पर जमकर पत्थरबाजी की। भड़की भीड़ ने अखलाक केस के रहे इंस्पेक्टर सुबोध की जान ले ली। सुबोध के सिर में गोली लगने से उनकी मौक पर ही जान चली गई। हैरानी की बात तो ये है कि इंस्पेक्टर सुबोध को गोली लगने के बाद भी भीड़ उन्हें पीटती रही। भीड़ ने जीप से लटके सुबोध के शव का वीडियो भी बनाया।

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सुबोध कुमार सिंह का पार्थिव शरीर एटा लाया गया। सुबोध के पार्थिव शरीर को अंतिम श्रद्धांजलि दी जा रही है। मामले पर इंस्पेक्टर सुबोध सिंह बहन ने बड़ा बयान दिया है। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मेरे भाई अखलाक केस की जांच कर रहे थे और यही वजह है कि उनको जान से मार दिया गया हैं। यह पुलिस की साजिश है। सुबोध की बहन ने कहा कि उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने की घोषणा होनी चाहिए। हमें पैसे नहीं चाहिए। मुख्यमंत्री सिर्फ गाय-गाय कह रहे हैं।

मामले की खबर मिलने के बाद सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही सुबोध कुमार सिंह की पत्नी को 40 लाख मुआवजे के तौर पर देने का ऐलान भी किया हैं। यहीं नहीं सीएम योगी सुबोध के माता-पिता को 10 लाख रुपए व एक परिजन को सरकारी नौकरी देंगे। बुलंदशहर में कथित गोकशी के आधार पर तीन गांव की भीड़ जमा हुई और पुलिस चौकी को निशाना बनाते हुए वाहनों को फूंक दिया। भड़की भीड़ ने इस कदर उपद्रव मचाया कि पूरी पुलिस डिपार्मेंट में हड़कंप मच गया।

आपको बता दें कि सोमवार को मचे बवाल के बाद बीती रात जनपद और आसपास के इलाकों में छापेमारी की। इस मामले की जांच एसआईटी की टीम कर रही हैं। खबरों के मुताबिक, इस मामले में बजरंग दल का नेता योगेश राज मुख्य आरोपी है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और चार लोगों को हिरासत में लिया है। हिंसा के आरोप में बजरंग दल के नेता योगेश राज के साथ 80-90 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि इनमें से 27 लोग नामजद हैं और 50-60 लोग अज्ञात हैं।

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