CAA के खिलाफ प्रदर्शन में छात्रों ने गाई फैज अहमद फैज की कविता, अब होगी जांच

New Delhi : जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के समर्थन और नागरिकता संसोधन बिल (सीएए) के विरोध में IIT कानपुर के छात्रों द्वारा परिसर में 17 दिसंबर को हुए प्रदर्शन की जांच के लिए कमेटी का गठन किया गया है। प्रदर्शन के दौरान मशहूर शायर फैज अहमद फैज की कविता ‘हम भी देखेंगे’ गाए जाने के प्रकरण में जांच के लिए इस समिति का गठन किया गया है।

इस बात की जांच की जाएगी कि क्या फैज अहमद फैज की वह नज्म धार्मिक उन्माद पैदा करने वाली है अथवा नहीं। आईआईटी कानपुर के निदेशक अभय करिंदर ने कहा कि जांच कमेटी का गठन किया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, आईआईटी के लगभग 300 छात्रों ने परिसर के भीतर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था, क्योंकि उन्हें धारा 144 लागू होने के चलते बाहर जाने की इजाजत नहीं थी। प्रदर्शन के दौरान एक छात्र ने फैज की कविता ‘हम देखेंगे’ गाई थी, जिसके खिलाफ कुछ लोगों ने आईआईटी निदेशक के पास लिखित शिकायत की थी।

शिकायत में कहा गया था कि कविता में कुछ दिक्कत वाले शब्द हैं, जो हिंदुओं की भावनाओं को प्रभावित कर सकते हैं। अग्रवाल ने बताया कि उनके नेतृत्व में 6 सदस्यों की एक समिति का गठन किया गया है जो इस मामले की जांच करेगी। कुछ छात्रों से पूछताछ की गई है जबकि कुछ अन्य से तब पूछताछ की जाएगी, जब वह अवकाश के बाद वापस संस्थान आएंगे।