बिहार में कन्हैया कुमार के जन गण मन यात्रा पर पथराव, बाल-बाल बचे, दो घायल, वाहनों के शीशे टूटे

New Delhi : बिहार में JNU छात्र संघ के पूर्व अध्‍यक्ष और CPI नेता Kanhaiya Kumar के काफिले पर बुधवार की शाम में भीड़ नेहमला कर दिया है। हमला Supaul में किया गया है। काफिले में शामिल दो लोग जख्‍मी हो गए हैं। दो वाहनों के शीशे भी फूट गए हैं।दो लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। इसके पहले आज ही झंझारपुर में Kanhaiya kumar के काफिले को काला झंडा दिखायागया था। झंझारपुर के बाद कन्‍हैया कुमार सुपौल पहुंचे थे। 

एएनआई की खबर के मुताबिक कन्हैया सुपौल में एक रैली को संबोधित करने के बाद सहरसा जा रहे थे, उसी वक्त उनके काफिले परपत्थरबाजी हुई।इस हमले में गाड़ी के ड्राइवर का सिर फट गया, जबकि कन्हैया कुमार भी घायल हो गए। है.

एक सभा करके सहरसा जा रहे कन्हैया पर कुछ लोगों ने पत्थरों से हमला कर दिया। घटना सदर थाना के मल्लिक चौक की है। इसहमले के दौरान गाड़ी का कांच टूट गए।गाड़ी चला रहे ड्राइवर का सिर फट गया। पत्थरबाजी की घटना में कन्हैया भी घायल हो गए।उनका इलाज चल रहा है।

CAA और NPR के खिलाफ जनमन यात्रा के तहत संघर्ष माेर्चा द्वारा आयोजित सभा में शामिल होने रहे कन्हैया कुमार कोसुपौल में जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। जैसे ही कन्हैया का काफिला मल्लिक चौक पर पहुंचा, सैकड़ों की संख्या में उपस्थितयुवाओं ने कन्हैया के विरोध में जमकर नारेबाजी की। इसी क्रम में काफिले की गाड़ियों पर युवकों ने पथराव भी कर दिया। इस पथरावमें काफिले में शामिल दो वाहनों के शीशे टूट गए। घायलों में एक ड्राइवर के घायल होने की सूचना है। प्रशासन के हस्तक्षेप के बादकन्हैया कुमार को सभा में जाने की अनुमति नहीं दी गई और काफिले को सहरसा की ओर रवाना कर दिया गया। 

इस घटना को लेकर कनहैया के समर्थकों में काफी नाराजगी है। आज ही सुपौल के पहले झंझारपुर में कन्‍हैया कुमार के काफिले कोकाला झंडा दिखाया गया था। साथ ही उनके खिलाफ लोगों ने नारेबाजी की। सोमवार को सारण में उनके काफिले को काला झंडादिखा गया था। 26 जनवरी से वामदलों की ओर से जन गण यात्रा शुरू की गई है। यह यात्रा CAS और NPR के विरोध में निकाली गईहै और इसका नेतृत्‍व कन्‍हैया कुमार कर रहे हैं।

इससे पूर्व किशनपुर के सिसौनी में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि यह देश गांधी का देश है। इस देशमें सभी का अधिकार है, लेकिन कुछ लोग आज गद्दी पर बैठ गए हैं जो हमलोगों से भारतीय होने का सबूत मांग रहे हैं। इस देश कोआजाद कराने के लिए मेरे पुरखों ने कुर्बानी दी है। इस देश को आजाद कराने के लिए हिंदूमुस्लिम, सिख, ईसाई सभी का योगदान रहाहै। जो लोग इस देश को आजाद कराने में रुचि नहीं रखते थे, वह लोग आज हमलोगों से भारतीय होने का सबूत मांग रहे हैं। उन्होंने कहाकि आज  स्थिति यह बन गई है कि वर्तमान सरकार के द्वारा चुनाव में किए गए वादे को गरीब, छात्र, किसान, मांबहनें पूरा करने की मांगकरती हैं तो सरकार इस मांग को भटकाने के लिए तरहतरह के काले कानून को लाकर शिगूफा छोड़ती रहती है।

उन्‍होंने कहा कि आज हमलोग जब नौकरी की बात करते हैं तो सरकार हिंदुस्तानपाकिस्तान की बात करती है। जब हमलोग जीडीपीकी बात करते हैं तो सरकार हिंदूमुस्लिम की बातें करती है। यह लड़ाई हिंदूमुस्लिम, सिख, ईसाई सभी की लड़ाई है। यह लड़ाई सिर्फमुस्लिम की नहीं है। अभी के समय में देश के जो कुर्सी पर बैठे हुए हैं प्रधानमंत्री, वे खुद अपने मन की ही बात करते हैं, वे दूसरों की बातनहीं सुनते हैं। अगर जब आपलोग मेरे साथ हैं तो देश के गृह मंत्री कहते हैं कि सीए, एनआरसी के लिए हम एक इंच भी पीछे नहीं हटेंगे।अगर आपलोग मेरा साथ दें तो मैं उन्हें सुपौल की इस धरती से कहना चाहता हूं कि हमलोग उन्‍हें इस देश से ही नहीं, इस धरती से भी भगादेंगे। हम इस देश को बांटने नहीं देंगे। एक बार फिर इस खूबसूरत देश को धर्म के नाम पर बांटा जा रहा है।

उन्‍होंने कहा कि भले ही हमारा तरीका अलगअलग हो, कपड़े अलगअलग हो, कोई मंदिर जाता है तो कोई मस्जिद जाता है। कोई टीकालगाता है तो कोई टोपी पहनता है। कुर्सी बचाने के लिए धर्म के धंधे को अब इस देश की आम जनता समझने लगी है। सभा को स्थानीयविधायक यदुवंश कुमार यादव, कांग्रेस विधायक शकील अहमद, पूर्व विधायक सहित अन्य लोगों ने भी संबोधित किया