New Delhi : गूगल के CEO सुंदर पिचाई सालों पहले इंडिया छोड़ गये। अब दुनिया के सबसे बड़ी कंपनियों में से एक के कर्ताधर्ता भी हैं और अमेरिकन नागरिकता भी ले चुके हैं। पर दिल आज भी इंडिया के लिये धड़कता है। उन्होंने कोरोना वायरस महामारी का मुकाबला करने के लिए ‘गिव इंडिया’संस्था को पांच करोड़ रुपये का योगदान दिया है। गिव इंडिया ने ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी है।
इस संदर्भ में गिव इंडिया ने ट्वीट कर कहा – संकटग्रस्त दिहाड़ी मजदूरों के परिवारों तक अत्यंत जरूरी नकद सहायता पहुंचाने के लिए गूगल की तरफ से पांच करोड़ रुपये का अनुदान देने के लिए धन्यवाद सुंदर पिचाई।
Thank you @sundarpichai for matching @Googleorg 's ₹5 crore grant to provide desperately needed cash assistance for vulnerable daily wage worker families. Please join our #COVID19 campaign: https://t.co/T9bDf1MXiv @atulsatija
— GiveIndia (@GiveIndia) April 13, 2020
इससे पहले गूगल ने कोविड-19 महामारी से निपटने के प्रयासों के तहत 80 करोड़ डॉलर से अधिक की सहायता देने की घोषणा की थी। इसमें एनजीओ और बैंकों के लिए 20 करोड़ डॉलर का निवेश कोष शामिल है, जिससे छोटे कारोबारियों की पूंजी जुटाने में मदद की जाएगी।
देश में लॉकडाउन के बीच कोरोना संक्रमितों की संख्या में तीन दिन बाद रविवार को थोड़ी कमी आई। पिछले दिन से संक्रमित मरीजों की संख्या 800 के पार जा रही थी, लेकिन रविवार को यह संख्या 705 दर्ज की गई। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक पिछले 24 घंटे में 705 नए मामले आए। इसी के साथ कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की कुल संख्या 9152 हो गई है। इनमें 7987 सक्रिय हैं, 856 स्वस्थ हो चुके हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। आज नागालैंड में कोरोना पॉजिटिव का पहला मामला सामने आया है। वहीं, महाराष्ट्र में 82, उत्तर प्रदेश के आगरा में 30, गुजरात में 22, मध्यप्रदेश के इंदौर में 22, कर्नाटक में 15, आंध्र प्रदेश में 12, राजस्थान में 43 और मुंबई के धारावी में चार नए मामले सामने आए हैं।
भारतीय मूल के सुंदर पिचाई गूगल के सीईओ हैं। सुंदर पिचाई अब तक कंपनी में सीनियर वाइस प्रेसीडेंट थे। चेन्नई में 1972 में जन्मे सुंदर पिचाई का मूल नाम पिचाई सुंदराजन है, लेकिन उन्हें सुंदर पिचाई के नाम से जाना जाता है। सुंदर पिचाई ने अपनी बैचलर डिग्री आईआईटी, खड़गपुर से ली है। उन्होंने अपने बैच में सिल्वर मेडल हासिल किया था। अमेरिका में सुंदर ने एमएस की पढ़ाई स्टैनडफोर्ड यूनिवर्सिटी से की और वॉर्टन यूनिवर्सिटी से एमबीए किया। पिचाई को पेन्सिलवानिया यूनिवर्सिटी में साइबेल स्कॉलर के नाम से जाना जाता था। सुंदर पिचाई ने 2004 में गूगल ज्वाइन किया था। उस समय वे प्रोडक्ट और इनोवेशन ऑफिसर थे। सुंदर सीनियर वाइस प्रेसीडेंट (एंड्रॉइड, क्रोम और ऐप्स डिविजन) रह चुके हैं। एंड्रॉइड ऑपरेटिंग सिस्टम के डेवलपमेंट और 2008 में लांच हुए गूगल क्रोम में उनकी बड़ी भूमिका रही है।