किरण बेदी द्वारा माफी पर अड़े स्टालिन, किरण ने कहा लोगों की धारणा को साझा किया

New Delhi: पुडुचेरी के उपराज्यपाल किरण बेदी के ट्वीट पर तमिलनाडु में बवाल मचा हुआ है। इस ट्वीट में उन्होंने राज्य में जल संकट के लिए तमिलनाडु सरकार को दोषी ठहराया था। DMK प्रमुख एमके स्टालिन ने उनसे माफी की मांग की है।

रविवार को बेदी ने ट्वीट में लिखा, ” भारत का 6 वाँ सबसे बड़ा शहर चेन्नई देश का पहला शहर बन गया है जहाँ सूखा चल रहा है। सिर्फ 4 साल पहले हुई बारिश के कारण यही शहर बाढ़ की चपेट में था। समस्या कहाँ है? जवाब है राज्य में गरीब शासन, भ्रष्ट राजनीति और उदासीन नौकरशाही।”

बेदी के ट्वीट से स्टालिन सहित पूरे राज्य के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आईं। सोमवार को डीएमके के विधायकों ने विधानसभा में पानी की कमी के मुद्दा के साथ-साथ किरण बेदी के ट्वीट की बात उठानी चाही, परन्तु विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनको इजाजत नहीं दी गई। जिसके बाद स्टालिन डीएमके विधायकों सहित विधानसभा से वॉकआउट कर गए थे। स्टालिन की पार्टी बेदी से अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मंगवाना चाहती थी। पार्टी ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से उसे तुरंत कार्यालय से हटाने का भी आहवाहन किया।

स्टालिन ने कहा, “अगर वो किसी राजनीतिक दल की आलोचना करती हैं, तो इसे बर्दाश्त किया जा सकता था, लेकिन उनकी टिप्पणी लोगों के खिलाफ थी। तमिलनाडु के लोगों का अपमान किया गया था।”  इसके बाद, पुडुचेरी के उपराज्यपाल किरण बेदी ने कहा कि उन्होंने केवल लोगों की धारणा को साझा किया है। यह मेरा निजी विचार नहीं है और इसलिए संदेश में कुछ भी व्यक्तिगत नहीं है।

दूसरी ओर, राज्य में सत्तारूढ़ अन्नाद्रमुक ने बेदी की टिप्पणी पर कहा कि यह कहना उनके कार्यालय के लिए उचित नहीं था।पार्टी के साहित्यिक विंग के सचिव और पूर्व मंत्री बीवलारमठी ने एक बयान में कहा कि केंद्र ने खुद माना है कि भारत में आधे जिले पानी की कमी से जूझ रहे हैं। चेन्नई में पिछले साल 2017 की तुलना में 62 फीसदी कम बारिश हुई है।”

उन्होंने यह भी कहा, “चेन्नई में पानी की आपूर्ति करने वाले चार जलाशयों के सूखने के बावजूद, सरकार 525 मिलियन लीटर प्रतिदिन प्रदान कर रही थी, जो कि 2017 में आपूर्ति की जा रही 75 मिलीयन लीटर प्रतिदिन से अधिक है।”