अभी-अभी: आर्थिक भगोड़ा अपराधी घोषित हुए विजय माल्या, अब सारी संपत्ति जब्त करेगी ईडी

New Delhi: भारत का करीब 9000 करोड़ रुपये लेकर देश से भागे शराब कारोबारी विजय माल्या को आज कोर्ट ने भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। मुंबई की विशेष अदालत ने विजय माल्या को लेकर यह फैसला सुनाया। आपको बता दें कि माल्या को आर्थिक भगोड़ा घोषित करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने स्पेशल कोर्ट में याचिका दाखिल की।

भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने के बाद अब जांच एजेंसियों को एफईओए के तहत माल्या की सारी संपत्ति जब्त करने का अधिकार हैं। अब कर्नाटक, इंग्लैड और अन्य जगहों पर विजय माल्या से जुड़ी संपत्ति ईडी कुर्क करेगी। एफईओए नया कानून काफी सख्त है। इस कानून के दायरे में जांच एजेंसी विजय माल्या की सभी प्रॉपर्टी जब्त कर सकती हैं। ये प्रॉपर्टी चाहे अपराध क्षेत्र के अंदर हो या बाहर, उससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

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यही नहीं, अब आर्थिक भगोड़ा घोषित होने पर माल्या को ब्रिटेन से प्रत्यर्पित करमे में भी मदद मिलेगी। इससे पहले बीते साल 26 दिसंबर को कोर्ट ने फैसला 5 जनवरी तक के लिए सुरक्षित कर दिया था। वहीं माल्या ने अदालत को बताया था कि वह आर्थिक भगोड़ा नहीं हैं। साथ ही उसने कहा था कि वह मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध में भी शामिल नहीं है।

ईडी ने अदालत में दी याचिका में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधनी अधिनियम 2018 के तहत भगोड़ा घोषित किए जाने का अनुरोध किया।  जानकारी के लिए आपको बता दें कि मार्च 2016 में ब्रिटेन भाग गए विजय माल्या पर कई बैंकों के 9000 रुपए गबन करने का आरोप है। बैंकों का कर्ज न चुकाने के मामले में वे भारत में वांछित हैं। माल्या ने बंबई हाई कोर्ट के फैसले को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है।

हाई कोर्ट ने हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की विशेष अदालत में माल्या को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित करने के ईडी की अर्जी पर रोक लगाने के लिए दायर उनकी याचिका खारिज कर दी थी. इससे पहले, विशेष अदालत ने 30 अक्टूबर को माल्या की अर्जी खारिज कर दी थी।