राखी पर विशेष: खट्टी-मीठी यादों का ये रिश्ता है बेहद अनमोल

भाई-बहन का रिश्ता बहुत ही खास होता है जहां ये एक पल पहले दोस्त होते हैं वहीं दूसरे ही पल दु‘श्मन भी बन जाते हैं। हर ल‘ड़ाई के बाद मन में ये ही ख्याल आता है कि अब इनसे बात नहीं करनी कभी नहीं, लेकिन फिर कुछ घंटों या फिर दूसरे ही दिन फिर से दोस्त बन जाते हैं। इस रिश्ते की खास बात ये ही होती है इसमें जितना प्रेम होता है वो असल में बाहर से देखने पर कभी दिखाई नहीं देता। उसका पता असल में तब चलता है जब हमे अपने भाई-बहन की जरूरत होती है और वो अपने सब काम-धाम छोड़ कर हमारी मदद करने चले आते हैं।

ये रिश्ता असल में खट्टी-मीठी यादों का होता है जिन्हें बाद में याद करके बहुत ही हंसी आती है। अगर आपके बड़े बहन-भाई हैं तो फिर तो समझिए कि आपका बचपन सेट है वो हर पल आपका ध्यान रखेंगे, डांटेंगे जरूर लेकिन प्यार के साथ।हर छोटी-छोटी चीज के लिए आपस में ल‘ड़ना, पि‘टाई करना ये ही तो वो चीजें होती है जो आगे चलकर हंसाती हैं। बस दुख इस बात का है कि इस सब का अहसास तब होता है जब हम बड़े हों जाते हैं। लेकिन कुछ भी हो पर नादानियों का भी अपना ही मजा है समझदार हो जाने के बाद ये जीवन जीना मुश्किल हो जाता है वो नादानियां करने का मजा तब और भी बढ़ जाता है जब वो बहन-भाई के साथ हो।

तो क्यों ना इस रक्षाबंधन को ऐसी ही किसी नादानी के साथ और भी यादगार बनाया जाए, बड़े हो गये तो क्या अंदर का बचपना हमेशा जिंदा रहना ही चाहिये। सोचिये जरा आपके बहन या भाई को आप कैसे तंग कर सकते हैं कि उससे उसे थोड़ा सा गु’स्सा आएं और बाद में ढेर सारी हंसी और इस रक्षाबंधन को सहेज लीजिये हमेशा के लिए अपनी यादों की डायरी में।