प्रज्ञा ठाकुर को राहत, NIA कोर्ट ने दी अदालत में उपस्तिथि से छूट

New Delhi: विशेष NIA कोर्ट ने भाजपा सांसद प्रज्ञा सिंह ठाकुर को रोज अदालत में उपस्तिथि से छूट दे दी है। प्रज्ञा ठाकुर ने संसद सत्र चलने के आधार पर अदालत में पेश होने से छूट मांगी थी।

कल ही ये खबर आई थी कि अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने 3 जून को प्रज्ञा ठाकुर और मामले के अन्य सभी आरो’पियों को सप्ताह में एक बार पेश होने का निर्देश दिया था।ठाकुर ने इस आधार पर छूट मांगी कि वह संसद सदस्य हैं और दिन-प्रतिदिन संसद में उपस्थित होना पड़ता है।

चमकी का कह’र: मुज़फ्फ़रपुर में बच्चों की मौ’त का आंकड़ा पहुंचा 148

कल अदालत ने कहा था कि ये प्रज्ञा ठाकुर द्वारा विस्फो’ट मामले की दिन-प्रतिदिन सुनवाई के दौरान सप्ताह में एक बार अदालत में उपस्थित होने से स्थायी छूट देने के लिए ये आधार उचित नहीं थे।

हालांकि, उन्हें अदालत में उपस्थित होने से गुरुवार के लिए छूट दे दी थी।

भोपाल के सांसद के अलावा, अन्य आ’रोपी लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित, सेवानिवृत्त मेजर रमेश उपाध्याय, सुधाकर द्विवेदी, अजय रहीरकर, समीर कुलकर्णी और सुधाकर चतुर्वेदी हैं।

उन पर Unlawful Activities Prevention Act (UAPA) और Indian Penal Code (IPC) के संबंधित धाराओं के तहत विभिन्न आ’रोप लगाए गए हैं।

आ’रोपों में UAPA की धारा 16 (आतं’कवादी अधिनियम) और 18 (आतं’कवादी कार्य करने की सा’जिश) और धारा 120 (बी) (आप’राधिक सा’जिश), 302 (हत्या), 307 (ह’त्या का प्रयास), 324 (स्वेच्छा से चो’ट पहुंचाना) और IPC की 153 (ए) (दो धार्मिक समूहों के बीच दु’श्मनी को बढ़ावा देना) शामिल हैं ।

आरो’पियों पर विस्फो’टक पदार्थ अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत भी आरो’प लगाए गए हैं।

29 सितंबर, 2008 को, महाराष्ट्र के मालेगाँव शहर में एक मोटरसाइकिल पर रखे ब’म में विस्फो’ट होने से छह लोगों की मौ’त और एक दर्जन अन्य घा’यल हो गए थे।