खुदाई के दौरान आई खट-खट की आवाज, जमीन से निकला शिवलिंग, लोगों ने लगाए हर-हर महादेव के नारे

New Delhi : उत्तर प्रदेश के कानपुर में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा किनारे की खुदाई की जा रही थी। खुदाई के दौरान एक प्रचीन शिवलिंग निकला। इस शिवलिंग को देखकर हर किसी ने हाथ जोड़ लिए। ये शिवलिंग कानपुर में कोयला घाट पर चल रही खुदाई के दौरान निकला था।

बता दें कि खुदाई करने वाले श्रमिकों ने शिवलिंग देखते ही हर हर महादेव के नारे लगाने लगे। खुदाई कर रहे लोगों ने दावा किया है कि शिवलिंग 13 मीटर की खुदाई करने के बाद प्राप्त हुआ। इस शिवलिंग को देखते ही इसे शिवमन्दिर में रख दिया गया। ईश्वरीय चमत्कार मानकर लोगों ने पूजा अर्चना शुरू कर दी। मामला कानपुर के कोयला घाट का है जहां खुदाई करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि अचानक जेसीबी धसने पर खट-खट की आवाज आई। कुछ ही देर में मशीन के साथ शिवलिंग बाहर आ गई।

वहां मौजूद लोगों ने बताया कि शिवलिंग को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानों कि यह साक्षात भगवान का ही चेहरा है। फिलहाल धरती के गर्भ से निकले शिवलिंग के दर्शन करने आसपास के गांवों से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन ने अभी तक इसकी सूचना पुरात्व विभाग को नहीं दी है। इस शिवलिंग की विशेष बात यह है कि इस पर एक विशेष आकृति बनी है। शिव या महादेव हिंदू धर्म में सबसे महत्वपूर्ण देवताओं में से एक है। वह त्रिदेवों में एक देव हैं। इन्हें देवों के देव भी कहते हैं। इन्हें भोलेनाथ, शंकर, महेश, रुद्र, नीलकंठ,गंगाधार के नाम से भी जाना जाता है।

तंत्र साधना में इन्हे भैरव के नाम से भी जाना जाता है। हिन्दू धर्म के प्रमुख देवताओं में से हैं। वेद में इनका नाम रुद्र है। यह व्यक्ति की चेतना के अन्तर्यामी हैं। इनकी अर्धांगिनी (शक्ति) का नाम पार्वती है। इनके पुत्र कार्तिकेय और गणेश हैं, तथा पुत्री अशोक सुंदरी हैं। शिव अधिक्तर चित्रों में योगी के रूप में देखे जाते हैं और उनकी पूजा शिवलिंग तथा मूर्ति दोनों रूपों में की जाती है। शिव के गले में नाग देवता विराजित हैं और हाथों में डमरू और त्रिशूल लिए हुए हैं। कैलाश में उनका वास है। यह शैव मत के आधार है। इस मत में शिव के साथ शक्ति सर्व रूप में पूजित है।