कानपुर का कालिख- 23 साल पहले दोस्त की बहन से लवमैरिज किया, सास-ससुर थे गन-प्वाइंट पर

New Delhi : उत्तर प्रदेश पुलिस की चुनौती बना 5 लाख का इनामी विकास दुबे ने मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के बुढ़ार कस्बे की रिचा निगम उर्फ सोनू से 23 साल पहले कानपुर में लव मैरिज की थी। रिचा के पिता और घरवाले इस शादी के खिलाफ थे। उनके विरोध करने पर विकास ने गन प्वाइंट पर सबको लिया और शादी की। इन दिनों विकास का काम रिचा खुद देख रही थी।

बुधवार 8 जुलाई को यूपी एसटीएफ की एक टीम विकास की ससुराल पहुंची। यहां से विकास के साले ज्ञानेंद्र निगम उर्फ राजू और भतीजे आदर्श को उठाकर ले गई है। ज्ञानेंद्र ने पुलिस को बताया – मैं और विकास 25 साल पहले अच्छे दोस्त थे। दो आपराधिक केसों में मेरा नाम विकास के साथ आने के बाद कानपुर से बुढ़ार आ गया। यहीं पर अपना कारोबार कर रहा हूं। 20 साल पहले विकास ने उसकी बहन रिचा निगम से लवमैरिज की थी। इसके बाद उसका विकास और रिचा से कोई संबंध नहीं है। 10-15 साल से विकास से बात भी नहीं हुई है। विकास ने मेरे कानपुर स्थित मकान पर कब्जा कर लिया था। बड़ी मुश्किल से वह फिर से मिल पाया है।
दरअसल विकास कानपुर में शास्त्री नगर में अपनी बुआ के घर पढ़ाई करने आया था। पड़ोस में रहने वाले एयरफोर्स कर्मी एचपी निगम की बेटी रिचा से उसकी मुलाकात हुई। रिचा को उसके पापा प्यार से सोनू कहते थे। रिचा से नजदीकी बढ़ाने के लिए विकास ने उसके भाई ज्ञानेंद्र से दोस्ती कर ली। दोस्ती इतना परवान चढ़ी कि विकास के हर काम में रिचा का भाई ज्ञानेंद्र साथ देने लगा। विकास का रिचा के घर आना-जाना शुरू हो गया। विकास किसी भी बहाने से रिचा के घर पहुंच जाता। धीरे-धीरे दोनों में नजदीकियां बढ़ीं और एक दूसरे से प्यार करने लगे। इस बीच, विकास ने रिचा के माता-पिता के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। लेकिन उन्होंने दूसरी जाति में शादी करने से मना कर दिया।
विकास 1997 में रिचा को भगाकर ले गया और लव मैरिज कर ली। इधर, रिचा का भाई विकास का राइट हैंड बनकर काम करने लगा। अब विकास के ससुर और साला पुलिस की हिरासत में हैं।

इधर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानपुर के कालिख विकास दुबे पर ट्वीट करते हुये योगी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कानपुर एनकाउंटर के मुख्य आरोपी विकास दुबे के नाम का इस्तेमाल कर ट्वीट किया – अब तो विकास खुद ही पूछ रहा है… ‘विकास’ को कब गिरफ्तार करोगे… करोगे भी या नहीं? उन्होंने आगे लिखा – वैसे उत्तर प्रदेश की ‘नाम बदलू’ भाजपा सरकार के पास एक विकल्प और है… किसी और का नाम बदलकर ‘विकास’ रख ले और फिर… बाकी क्या कहना… जनता खुद समझदार है।

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