अभी तक गाँव में पुलिस चौकी नहीं लगी , उभ्भा के निवासी अभी भी दहशत में जी रहे हैं : प्रियंका गाँधी

New Delhi: मंगलवार को सोनभद्र नरसंहार के पीड़ित परिजनों से मिलने गई कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा ,’आरोपी प्रधान द्वारा गाँव की महिलाओं और पुरुषों पर दर्ज कराए मुक़दमें और उन पर प्रशासन द्वारा लगाया गया गुंडा ऐक्ट रद्द किया जाना चाहिए’। पीड़ितों से बात करने के बाद प्रियंका ने ट्वीट कर उनकी मुख्य परेशानियों को गिनाए हैं। प्रियंका ने आगे लिखा कि- ‘अभी तक गाँव में पुलिस चौकी नहीं लगी। उभ्भा के निवासी अभी भी दहशत में जी रहे हैं। उन्हें अपनी जमीन का मालिकाना हक़ जब तक नहीं मिलेगा तब तक वह असुरक्षित रहेंगे और उन्हें प्रताड़ित किया जाएगा’।

बता दें कि पिछली बार जब प्रियंका गांधी सोनभद्र जा रही थी तो उन्हें काफी परेशानी की सामना करना पड़ा था। प्रशासन द्वारा उन्हें रास्ते में ही रोक दिया गया था। जिसके बाद कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी रोड पर ही ध’रने पर बैठ गई थी। प्रशासन उन्हें बिना परिजनों से मिले वापस भेजने पर अ’ड़ा था वहीं प्रियंका भी जि’द पर अ’ड़ी थी कि वह बिना परिजनों से मिले नहीं जाएंगी। उन्होंने कहा कुछ भी हो जाए मुझे सोनभद्र पहुंचना है और पीड़ित परिवार से मिलना है।

इसके बाद उनके आस-पास लोगों की भीड़ जमा होने लगी जिससे पुलिस ने उनको हि’रासत में ले लिया था। पुलिस उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले गई थी और वहीं पर एक रात रखा था । सरकार का वि’रोध प्रदर्शन होने के बाद प्रियंका पी’ड़ित परिवार से मिल पाईं । प्रियंका ने पी’ड़ित परिवार को 10 -10 लाख रूपए मुआवजा भी दिया था। उस दौरान प्रियंका ने सोनभद्र में मा’रे गए लोगों के परिजनों के रो’ने की ह्रदय विदारक वीडियो ट्वीट करते हुए लिखा था-“क्या इन आँसुओें को पोछना अ’प’राध है?” एक बार फिर वह पी’ड़ित परिवार का हाल जानने गई थीं।

17 जुलाई को सोनभद्र में जमीन को लेकर दो पक्षों में वि’वाद हो गया था । वि’वाद इतना बढ़ गया कि गो’लियां चल गई। जिससे एक ही गांव के दस लोगों की मौ’त हो गई। इस घटना के बाद सीएम योगी ने दुख व्यक्त किया और जिलाधिकारी को घा’यलों की हर संभव मदद करने को कहा था।