RCB के लिये खेलने वाले सिराज के पिता चलाते थे ऑटो, बेटे ने रातोंरात बना दिया करोड़पति

New Delhi : भारतीय खेलों में जो कमाई क्रिकेट में है वो किसी दूसरे खेल में नहीं। यही कारण है कि ज्यादातर युवा अपने हुनर के दम पर टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की करना चाहते हैं। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब से इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल की शुरूआत हुई है तब से कई नए खिलाड़ियों को मौका मिला है। इसमें कई खिलाड़ी बेहद गरीब तबके से भी आते हैं लेकिन आईपीएल खेलने के बाद न केवल उनके करियर को गति मिलती है बल्कि उनके आर्थिक जीवन में भी बदलाव आता है। ऐसा ही उदाहरण हैं मोहम्मद सिराज जो वर्तमान में रॉयल चैलेंजर बैंंगलोर के लिए तेज गेंदबाज के रूप में खेल रहे हैं।

उन्हें 2 करोड़ 60 लाख रुपये में खरीदा गया है। लेकिन कुछ ही लोग जानते हैं कि आज करोड़ों में खेलने वाले सिराज कुछ ही साल पहले बदहाली की जिंदगी बसर करते थे। उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे। सिराज ने अपने हुनर के दम पर अपने परिवार की जिंदगी को जैसे रातों रात बदल दिया। आइए जानते हैं इस खिलाड़ी की कामयाबी के बारे में।
हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद सिराज सिर्फ आईपीएल में ही नहीं टीम इंडिया में भी अपनी जगह बना चुके हैं। उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय टी-20 मैच 2017 में न्यूजीलेंड के खिलाफ खेला था। उनके शुरूआती करियर पर नजर डालें तो सिराज 2015 तक एक आम क्रिकेटर ही थे और गुमनामी की जिंदगी जी रहे थे। 2015 में उन्होंने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से अपने करियर की शुरुआत की। उस साल वे हैदराबाद की ओर से रणजी ट्रॉफ़ी मैच में खेल रहे थे। रणजी ट्रॉफ़ी के 2016-17 के सीज़न में वे हैदराबाद की ओर से सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ थे। इस पूरे टूर्नामेंट में उन्होंने उस सीज़न में 41 विकेट लिए थे। अपने इस कारनामें के बाद वो राज्य के सभी अखबारों में सुर्खियों के रूप में छा गए थे।
सिराज को अभी तक नाम तो मिला था लेकिन काम और पैसा अभी भी उनसे दूर ही था। लेकिन उन्हें इसके लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ा। 2017 में उन्हें आईपीएल के लिए टिकल मिला। उनकी पिछली परफॉर्मेंस को देखते हुए न सिर्फ उन्हें आईपीएल में जगह मिली बल्की एक नए लड़के को 2 करोड़ 60 लाख रुपये में सनराइजर्स हेदराबाद के लिए खरीद लिया गया। ये तो जैसे उनके बचपन के सपने को पूरा हो जाने जैसा था। एक आम साधारण परिवार का लड़का रातो रात जैसे करोड़पति बन गया था। सिराज के पिता जो ऑटो चलाकर परिवार का गुजारा करते थे, अब सिराज ने उन्हें काम करने से मना कर दिया । सिराज के पिता ने कभी आर्थिक तंगी को बेटे के क्रिकेटर बनने के सपने के आड़े नहीं आने दिया और तमाम दिक्कतों के बावजूद ऑटो चलाकर बेटे के लिए क्रिकेट की महंगी किट का इंतजाम किया। सिराज ने गरीबी को बेहद पास से देखा है।

2017 के बाद सिराज को खाली नहीं बैठना पड़ा अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर वो हर आईपीएल टीम की चाहत बने रहे। उन्हें राष्ट्रीय टीम में भी हर साल जगह मिलती रही। आज वो एक सफल गेंदबाज के रूप में आरसीबी के लिए खेल रहे हैं। उन्होंने इस सीजन अच्छा प्रदर्शन भी किया है। कोकाता के साथ मुकाबले में अकेले सिराज ने टीम के बल्लेबाजों के दांत खट्टे कर दिए थे। आज बेंगलोर टॉप 3 में अपनी जगह पक्की कर पाई है तो इसमें सिराज का भी अहम योगदान है। सिराज के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें स्थायी रूप से टीम इंडिया में जगह मिल सकती है।

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