MP: आँखों की सर्जरी से रोशनी गंवाएं पीड़ितों को शिवराज ने कमलनाथ सरकार से की पेंशन देने की मांग

New Delhi : इंदौर के अस्पताल में 11 लोगों की मोतियाबिंद ऑपरेशन से आंखों की रोशनी चली जाने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने मप्र की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कमलनाथ सरकार पीड़ितों को 50,000 रूपये की सहायता राशि देकर क्या कोई एहसान कर रही है।

शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ट्वीट करते हुये कहा “इंदौर में जिन 11 नागरिकों का जीवन डॉक्टर्स की लापरवाही के कारण अंधकारमय हो गया, उन्हें मात्र रु. 50,000 की सहायता राशि देकर क्या कमलनाथ सरकार कोई उपकार कर रही है? उस व्यक्ति की मानसिक अवस्था के बारे में तो सोचें जिसके साथ इतनी बड़ी त्रासदी गैरज़िम्मेदाराना रवैये के चलते हुई! ”

शिवराज सिंह चौहान ने कहा सीएमएचओ अस्पताल प्रबंधन के साथ साथ सरकार की भी बड़ी लापरवाही है। उन्होंने ट्वीट करते हुये कहा ” इंदौर सीएमएचओ ने 5 दिनों तक आला अधिकारियों से इस मामले को छुपा कर रखा! अस्पताल प्रबंधन के साथ ही शासन-प्रशासन की तरफ से भी यह बहुत बड़ी चूक है। राज्य सरकार से अनुरोध है कि सभी पीड़ितों को उचित सहायता राशि व प्रतिमाह रु.12,000 पेंशन दी जाए जिससे उनका जीवन सुखमय व्यतीत हो सके।”

इससे पहले मुख्यमंत्री कमलनाथ ने घटना पर संज्ञान लिया और कलेक्टर को मामले की जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोगियों को हर संभव मदद प्रदान करेगी और उनके इलाज का खर्च वहन करेगी।
उन्होंने इस घटना की निंदा करते हुए ट्वीट किया था। “घटना जहां एक नेत्र अस्पताल में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद 11 मरीजों की आंखों की रोशनी चली गई, वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। जिला कलेक्टर को इस मामले की जांच करने के लिए कहा गया है। हम जांच करेंगे कि इस अस्पताल को नौ साल पहले इस तथ्य के बावजूद संचालित करने की अनुमति कैसे दी गई थी। इसी तरह की एक घटना यहां हुई थी। दोषियों को दंडित किया जाएगा।”

आपको बता दे इंदौर के एक अस्पताल से दर्दनाक घटना हुई है। यहां एक नि: शुल्क मोतियाबिंद की सर्जरी कराने आए ग्यारह लोगों ने अपनी आंखों की रोशनी खो दी है। सभी मरीजों को राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 7 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। अगले दिन उनका ऑपरेशन किया गया था जिसके बाद कुछ मरीजो ने कुछ न दिखाई देने की शिकायत की थी।