शेखर कपूर ने कहा- वह टूट गया था, यशराज बैनर छोड़ते ही उसके साथ सौतेला बर्ताव, साजिशें हुईं

New Delhi : हॉलीवुड और बॉलीवुड के जानेमाने फिल्म मेकर शेखर कपूर ने मुम्बई पुलिस के सामने सुशांत सिंह राजपूत केस का हार राज फाश कर दिया है। सारे पर्दे उठा दिये हैं। साफ है सुशांत के खिलाफ साजिशें हो रही थीं। उनके हाथ जब भी कोई अच्छी फिल्म आने को होती थी, उसे साजिश के तहत उनसे छीन लिया जाता था। उनके साथ प्रोड्यूसरों ने काम करने से मना करना शुरू कर दिया। … और सबकुछ हो रहा था मूवी माफिया और गैंगबाजों की वजह से।

यशराज को यह बात नागवार गुजरी थी कि सुशांत ने कांट्रैक्ट समाप्त कर लिया है। शेखर कपूर ने मुम्बई पुलिस के सामने बहुत राज खोले हैं लेकिन दिक्कत है कि ये राज ई-मेल से भेजे गये हैं। अब पुलिस मामले की तह तक पहुंचने और आरोपियों पर शिकंजा कसने की बजाये इस बात पर जोर दे रही है कि शेखर कपूर थाने आकर बयान दर्ज करायें।
मुंबई पुलिस ने फिल्मेमकर शेखर कपूर को भी समन जारी करते हुए अपना बयान रिकॉर्ड कराने के लिए कहा था। हालांकि, उन्होंने खुद ना पेश होकर अपना जवाब ईमेल के जरिये विभाग को भेज दिया। अपने बयान में कपूर ने बताया – फिल्म ‘पानी’ के बंद हो जाने की वजह से सुशांत को काफी सदमा लगा था और वो टूटकर डिप्रेशन में चले गये थे।
इसे लेकर सुशांत काफी रोते थे, क्योंकि इस फिल्म के लिये उन्होंने अपने कई साल दे दिये थे और कई बड़े ऑफर भी ठुकरा दिये थे। इसके बाद जब उन्होंने यशराज फिल्म्स से अपना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ दिया तो इंडस्ट्री में उनके साथ सौतेला व्यवहार होने लगा था।
सूत्रों के मुताबिक, शेखर ने अपने बयान में बताया- पानी मेरा ड्रीम प्रोजेक्ट था जो पिछले 10 सालों से अबतक अधूरा है और सुशांत के जाने के बाद शायद ही कोई उनकी जगह ले पाये। साल 2012-13 के दौर में 150 करोड़ की इस मेगा बजट फिल्म को बनाने के लिये यशराज फिल्म्स में आदित्य चोपड़ा और मेरी मुलाकात हुई थी और तय हुआ कि यशराज के बैनर तले साल 2014 से ये फिल्म बनेगी। इस फिल्म से हमें काफी उम्मीदें थीं।

शेखर ने अपने जवाब में लिखा- फिल्म की कास्ट को लेकर सुशांत से मेरी पहली मुलाकात यशराज के स्टूडियो में हुई थी। फिल्म को लेकर यशराज फिल्म्स ने प्री-प्रोडक्शन का काम शुरू किया और लगभग तय था की 150 करोड़ की ये मेगा बजट फिल्म 3 से 4 साल में पूरी हो जायेगी। प्री-प्रोडक्शन में यशराज ने तकरीबन 5 से 7 करोड़ रुपये खर्च भी किये थे और सुशांत की डेट्स भी हमने ब्लॉक कर ली थीं।
पानी में सुशांत गोरा का किरदार निभाने वाले थे। फिल्म में ‘गोरा’ के किरदार को लेकर सुशांत इतनी लगन से जुटा हुआ था कि वो उस रोल का एडिक्ट बन गया था। वर्कशॉप के दौरान भी उसकी एक्टिंग स्किल्स में उसका जुनून और पागलपन दिख जाता था। फिल्म प्रोडक्शन से जुड़ी मीटिंग्स में भी वो मेरे और यशराज की टीम के साथ लगा रहता और बारीक से बारीक जानकारी को समझता था।

शेखर ने कहा- फिल्म को लेकर हुई मुलाकातों के दौरान धीरे-धीरे हम काफी करीबी दोस्त बन गए और निजी जीवन की बातों के साथ-साथ क्वांटम फिजिक्स से लेकर हर तरह की बातें करने लगे। अपने रोल को लेकर वो हर छोटी-छोटी बातें पूछता था। उसने इस प्रोजेक्ट के लिये कई फिल्में भी छोड़ दी थीं।
इन सब बातों के बीच फिल्म के कंटेंट को लेकर मेरी और निर्माता आदित्य चोपड़ा की सोच बिल्कुल अलग-अलग थी। आपस में हम एक-दूसरे से सहमत भी नहीं थे। ‘पानी’ शायद इसी वजह से नहीं बन पाई कि शायद मैं इस कहानी के किसी रूप या पक्ष में किसी तरह का बदलाव नहीं चाहता था। फिल्म नहीं बनने की जानकारी जब सुशांत को पता चली तो वो टूट गया। इसकी वजह ये थी कि वो शायद मुझसे भी ज्यादा फिल्म में डूब चुका था। उस शाम को वो मेरे पास आया और मुझे पकड़कर मेरे कंधे पर सिर रखकर फूट-फूट कर रोने लगा।

उसे रोता देख मैं भी टूट जाता था और मैं भी रोने लगता था। फिल्म के बंद होने का सदमा उसे इतना ज्यादा लगा था कि वो डिप्रेशन में जाने लगा। मैंने उसे संभालने की कोशिश भी की और उसे समझाया कि ये किरदार वो पर्दे पर जियेगा और इसमें निराश होने की जरूरत नहीं है, बस सही वक्त का इंतजार करे।
यशराज फिल्म्स के हटने के बाद इस मेगा बजट फिल्म को बनाने के लिये मैंने कई अन्य प्रोडक्शन हाउस और लोगों से भी संपर्क किया था लेकिन कोई भी निर्माता सुशांत के साथ इस फिल्म को बनाने के लिए तैयार नहीं हुआ। दिक्कत ये थी कि या तो फिल्म का बजट परेशानी में डाल रहा था या फिर सुशांत को लेकर कोई इतना बड़ा चांस या रिस्क नहीं लेना चाहता था। वे लोग किसी बड़े स्टार के साथ इसे बनाने के लिए तैयार थे। और ये सारी बातें सुशांत को डिप्रेशन में डाल रही थीं। मैंने सोचा कि उसके साथ कोई दूसरी फिल्म बना लूं, लेकिन वो भी नहीं हो पाया।
पानी के नहीं बनने उसे डिप्रेशन हुआ जो उसकी प्रोफेशनल जिंदगी में भी परेशानी की वजह बन गया। क्योंकि वो एक एक्टर था जो इंडस्ट्री के बिजनेस को नहीं समझ पा रहा था। कुछ समय बाद मैंने भी भारत छोड़ दिया और लंदन चला गया लेकिन वो लगातार मेरे टच में रहा। हालांकि, मैं उससे ‘पानी’ को लेकर बातें नहीं करता था, क्योंकि वो इससे खुद को उबार नहीं पा रहा था।
कुछ समय बाद जब हम मिले तो तब तक सुशांत यशराज से अपना कॉन्ट्रेक्ट तोड़ चुका था। उसने मुझे बताया था कि किस तरह अब उसके साथ इंडस्ट्री में सौतेला बर्ताव हो रहा है और सुनियोजित तरीके से उसके हाथ अच्छी फिल्में नहीं लगने दी जा रही हैं। मैंने उसे आश्वस्त किया था कि वो बस काम करता रहे और अच्छी स्क्रिप्ट पर ध्यान दे। उसे उबरने का मौका जल्द मिलेगा।

कपूर ने बताया- पिछले 6-8 महीनों से मैं उसके संपर्क में नहीं था, लेकिन मुझे पता था कि वो डिप्रेशन और उलझन में है। हालांकि, मुझे उसके डीप डिप्रेशन में जाने की पूरी जानकारी नहीं थी और जब उसके जाने की जानकारी मिली तो मैं शॉक्ड रह गया।

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