राफेल की शस्त्र पूजा पर कांग्रेस में बढ़ी आपसी तकरा’र, संजय निरूपम ने खड़गे को बताया नास्तिक

New Delhi: मंगलवार को विजय दशमी के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के फ्रांस में राफेल विमान की पूजा करने पर अब राजनीति शुरू हो चुकी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा इस पूजा को तमाशा कहने पर अब कांग्रेस में ही तकरा’र होती दिखाई दे रही है। खड़गे के इस बयान के तुरंत बाद कांग्रेस के दि’ग्गज नेता और मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने उन्हें नास्तिक बता दिया है। उन्होंने कहा है कि श’स्त्र पूजा भारत की एक बहुत पुरानी परंपरा है, खड़गे नास्तिक हैं इसलिए इस पूजा के बारे में ऐसा बोल रहे हैं।

समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए निरूपम ने कहा ” शस्त्र पूजा को तमाशा नहीं कहा जा सकता। शस्त्र पूजा हमारे देश की एक बेहद पुरानी परंपरा रही है। समस्या सिर्फ खड़गे जी के ही साथ है क्योंकि वो एक नास्तिक हैं। लेकिन कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है। ”

विजय दशमी के दिन राजनाथ जो हर साल पारंपरिक श’स्त्र पूजा मनाते हैं इस बार रक्षा मंत्री होने के बाद उन्होंने पहली बार ये पूजा की। राजनाथ ने विजय दशमी के दिन राफेल फा’इटर जे’ट के जत्थे का पहला विमान लेने के लिए दशहरे के दिन को चुना और फ्रांस में विमान की विधि विधान से शस्त्र पूजा की। जिस दौरान उन्होंने विमान पर ओम बनाया।

36 फ्रांसीसी-निर्मित राफेल लड़ाकू जेट में से पहला विमान मंगलवार को औपचारिक रूप से भारत को सौंप दिया गया। यह समारोह भारतीय वायुसेना के नींव समारोह के साथ हुआ। क्षामंत्री राजनाथ ने राफेल को लेकर उसकी श’स्त्र पूजा भी की। राजनाथ इस राफेल को अब भारत लेकर आएंगे। राफेल हेंडओवर सैरेमनी में रक्षामंत्री राजनाथ ने कहा है कि बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक दशहरे के दिन भारत को राफेल मिल रहा है। राफेल से भारत की ताकत बढ़ेगी। राजनाथ ने कहा कि राफेल का मतलब आंधी होता है। आज हमारी सेनाओं के लिए ऐतिहासिक दिन है।