संस्थापकों के बीच झगड़े की वजह से IndiGo का शेयर 19 प्रतिशत तक नीचे गिरा

New Delhi: बाजार कामतों के हिसाब से एशिया कि सबसे बड़ी एयरलाइंस कंपनी IndiGo के शेयरों में 19 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है।ऐसा कंपनी के सहसंस्थापकों में से एक राहुल भाटिया पर कंपनी के खिलाफ संदिग्ध गतिविधि के आरोपों के चलते हुआ है।

अरबपति राकेश गंगवाल ने कंपनी को दिये गये अपने बयान में कंपनी के संचालक को बताया कि उन्होंने अपने कुछ अधिकारों को सेबी के नियमों के तहत उसे राहुल भाटिया को सौंप दिया था।इस बारे में इंटरग्लोब ने आगे की जानकारी 19 जुलाई तक देने को कही है।

राकेश गंगवाल ने अपनी शिकायत में राहुल भाटिया के द्वारा अपनाये गये उन असामान्य नियंत्रण अधिकारों का भी उल्लेख किया,जो कि ब्लूमबर्ग की टिप्पणी से बाहर रह गये थे।राकेश गंगवाल के अनुसार भाटिया ने खुद को मिले अधिकारों की वजह से कंपनी के आवश्यक लेन देन में उचित सावधानियों और नियमों को भी अनदेखा कर दिया।

इंटरग्लोब ने गिरते शेयर की चिंताओं के बीच यह बयान जारी किया है कि अधिकारों का यह संघर्ष अभी और लंबा चलने की उम्मीद है।जिसकी वजह से अभी कंपनी को और भी अधिक आर्थिक नुकसान झेलना पड़ सकता है।उन्होंने यह बयान भी जारी किया कि बाजार में तेल की कीमतों के बढ़ने के कारण और बढ़ती हुुई प्रतिस्पर्धा के बीच यह हमारे लिये एक कठिन समय की तरह से है।

सिटी ग्रुप के विश्लेषक अरविंद शर्मा ने अपने ग्राहकों से कहा है,कि दो संस्थापकों के बीच चलने वाले इस संघर्ष के पब्लिक के बीच आने के बाद अब इसमें समझौते कि कोई गुंजाइश बाकी नहीं रह गई है।अरविंद शर्मा ने यह भी कहा है कि कंपनी की इस अनिश्चितता के कारण उसका स्टॉक प्राइस भी नीचे जायेगा।

गंगवाल ने यह कहा कि उन्हें एयरलाइंस पर नियंत्रण की कोई भी इक्षा नहीं है।साथ ही उनहोंने यह भी कहा कि भाटिया कंपनी में लेन देन के लिये अंदर ही अंदर एक अलग तंत्र का निर्माण कर रहे थे।उन्होंने यह भी कहा है कि भाटिया ने कैसे उन्हें अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए उन पर गलत तरह से निर्णय लेने का दबाव बनाया।