मुज़फ्फ़रपुर पहुंचे शरद यादव, 20 दिन बाद किया SKMCH का दौरा

New Delhi: बिहार में चमकी बुखार से मौ’त पर सियासत तेज हो चुकी है। आज 20 दिन बाद लोकतांत्रिक जनता दल के नेता Sharad Yadav मुज़फ्फ़रपुर पहुंचे। वो Sri Krishna Medical College and Hospital का दौरा करने आए थे।

बता दें कि अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव की ओर किसी नेता का ध्यान नहीं जा रहा है। आज ही मुज़फ़्फ़रपुर के SMKCH के कै’दी वार्ड को ICU में परिवर्तित किया जा रहा है।

चमकी का क’हर: कम पड़ रहे थे बेड, कै’दियों के वार्ड को बनाया ICU

बिहार में चमकी बुखार (Acute Encephalitis Syndrom AES) को लेकर व्यवस्था पर रोज सवाल उठ रहे हैं। कल एक ओर जहां मरीजों को दी जाने वाली सुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे वहीं आज नया मा’मला सामने आया है।

SKMCH अस्पताल में बेड की स्थिति बेहद ख’राब है। इसी को ध्यान में रखते हुए SKMCH प्रबंधक ने कै’दी वार्ड को ICU में तब्दील करवाया है। 

SKMCH प्रबंधक का कहना है, “हमने इस वार्ड को ICU में बदल दिया है और कै’दियों के वार्ड को दूसरे जगह शिफ्ट कर दिया है। यह हमारी बेडों की क्षमता को 19 बेड तक बढ़ा देगा, इसे जल्द ही काम में लाया जाने लगेगा।”

बता दें SKMCH में 400 से ज्यादा बच्चे चमकी बुखार से पी’ड़ित होकर भर्ती हैं। हर साल होने वाली इस बि’मारी को लेकर कोई व्यवस्था पहले से नहीं की गई।

कल ही खबर आई थी कि मुज़फ़्फ़रपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) में मरीजों और उनके परिजनों ने लगातार बिजली कटौ’ती की शिका’यत की।

मुजफ्फरपुर में Chamki बुखार (Acute Encephalitis Syndrome) कह’र तो बरसा ही रहा है लेकिन इसके साथ व्यवस्था की बद’इंतजामी भी देखने के लिए मिल रही है।

मरीजों के परिजनों ने लगातार बदइं’तजामी की शि’कायत की है जिसकी ओर किसी का ध्यान नहीं जा रहा है।

डॉक्टर ने कहा था, यहाँ नहीं है जरुरत नेताओं की-

मुजफ्फरपुर में इंसेफलाइटिस से लगातार हो रही बच्चों की मौ’त पर Sri Krishna Medical College and Hospital के अधीक्षक सुनील शाही ने कहा था कि नेताओं को अस्पताल की जगह बिमारी ग्रस्त क्षेत्रों में जाना चाहिए और जागरूकता फैलानी चाहिए। सुनील शाही ने कहा कि मैं नेताओं से ऐसा करने का आग्रह करता हूं।  

उन्होंने आगे कहा, “मैं विनम्रतापूर्वक सभी राजनीतिक कार्यकर्ताओं से उन स्थानों पर जाने और जागरूकता फैलाने का अनुरोध करता हूँ जहाँ से मरीज आ रहे हैं। अभी नेताओं की अस्पताल में जरूरत नहीं है। मैं उनसे बाहर के इलाकों में जाने का अनुरोध करता हूं। ”

बता दे कि मुज़्ज़फरपुर में इंसेफलाइटिस यानी चमकी बुखार से म’रने वाले बच्चों का आंकड़ा 117 से भी अधिक पहुँच चुका है। ये सारी मौ’तें सिर्फ जून महीने में हुई हैं। मुज़्ज़फ़्फ़रपुर के डीएम आलोक रंजन घोष ने बताया था कि बच्चों को उचित इलाज मुहैय्या कराया जा रहा है और मुख्यमंत्री बच्चों के हो रहे इलाज से संतुष्ट हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को अस्पताल का दौरा भी किया था जिसके बाद उनके खिलाफ नारे भी लगाए गए थे।