मेट्रो में ‘दरवाजे दाईं तरफ खुलेंगे’ तो बहुत सुना अब उस शख्स को भी जान लो जिसकी आवाज है ये

New Delhi : अगला स्टेशन नोएडा सेक्टर 18 है…दरवाज़े दायीं ओर खुलेंगे…” मेट्रो में सफ़र करने वाला शायद ही ऐसा कोई शख़्स है, जो इस आवाज़ से परिचित न हो। भारत में जहां भी मेट्रो सेवा है, वहां अनाउंसमेंट वाली आवाज़ शम्मी नारंग की ही होती है। हर जगह हिंदी भाषा में होने वाली अनाउंसमेंट शम्मी करते हैं और वहीं इंग्लिश में होने वाली घोषणा रीनी खन्ना करती हैं।

शम्मी बताते हैं कि, एक बार मैं जर्मनी से आए अपने भाई को रिसीव कर मेट्रो से आ रहा था और उस दौरान एक बच्चा हर अनाउंसमेंट के बाद उस बात को रिपीट कर रहा था, जैसे अगला स्टेशन जोरबाग है। बच्चे ने अपनी मां से कहा, मम्मी इन अंकल के तो कितने मजे हैं। ये हमेशा गाड़ी में घूमते हैं।

मेट्रो को अपने करियर में मील का पत्थर मानने वाले शम्मी नारंग की कहानी को जानना दिलचस्प रहेगा। शम्मी नारंग ने बताया कि DMRC के चेयरमैन एम.श्रीधरन ने उनका और रीनी का नाम सुझाया। जिसके बाद कुछ मोड्युलेशन के बाद उनकी आवाज़ मेट्रो की आवाज़ बन गई। शम्मी लखनऊ, दिल्ली, हैदराबाद आदि जगहों पर मौजूद मेट्रो में हिंदी भाषा में अपनी आवाज़ दे चुके हैं। हैदराबाद में तो उन्होंने उर्दू और हिंदी, दोनों में आवाज़ दी है।

शम्मी का जन्म दिल्ली में ही हुआ और वो यहीं बड़े भी हुए। दिल्ली में अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई के थर्ड ईयर में उनके कॉलेज में ऑडिटोरियम बन रहा था। इस दौरान वहां ऑडियो सिस्टम इंस्टॉल किया जा रहा था और माइक टेस्टिंग के लिए किसी की ज़रूरत थी।

इसके लिए सीढ़ियों पर खड़े होकर एक अमरीकी व्यक्ति ऑडियो टैग्स आदि इंस्टॉल कर रहा था। उसने माइक टेस्टिंग के लिए कहा, जिसके बाद नारंग ने बोलना शुरू किया। यूं ही मज़े लेने के लिए उन्होंने हिंदी में बोलना शुरू किया और कुछ भी बोलने लगे चूंकि उस अमेरिकन को समझ नहीं रहा था।

लेकिन, जब वह व्यक्ति नीचे आया, तो उसने शम्मी की आवाज़ की बहुत तारीफ़ की और बताया कि वह Voice of America से है। इसके बाद उसने बताया कि वह USIS के लिए काम करता है और दिल्ली में काम कर रहा है। साथ ही उसने शम्मी को स्टूडियो आने का न्यौता भी दिया। इस व्यक्ति का नाम था Mr Flanningan।

कर्ज़न स्थित रोड में मौजूद इस स्टूडियो में जब शम्मी पहुंचे, तो उन्हें 2 पैराग्राफ़ पढ़ने को कहा गया। उन्होंने इसे पढ़ा और कंट्रोल रूम से बाहर आने के बाद उन्होंने देखा कि उनकी आवाज़ से सब बहुत प्रभावित हुए हैं। उनकी इस रिकॉर्डिंग को अमेरिका में ब्रॉडकास्ट करने का फ़ैसला भी लिया गया। यहां से उनकी Voice Journey शुरू हो चुकी थी। इसके लिए उन्हें 100 रुपये भी दिए गए।