राम मंदिर मामलें में जामा मस्जिद के शाही इमाम ने सभी पक्षों से कोर्ट पर भरोसा रखने की अपील की

New Delhi : राम मंदिर मामलें में सुप्रीम कोर्ट का फैसला जल्द आने की उम्मीद है। जामा मस्जिद के शाही इमाम सैय्यद अहमद बुखारी ने अयोध्या विवाद के फैसले के मद्देनजर जारी किया बयान। सभी पक्षों से न्यायपालिका पर भरोसा रखने की अपील।

इससे पहले जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने दावा किया है कि ऐतिहासिक तथ्य पर आधारित है कि मस्जिद का निर्माण किसी भी हिंदू मंदिर को ध्वस्त किए बिना किया गया था। यह हमारा रूख है और हम अपने इस रुख दोहराते हैं। उन्होंने आगे यह कहा कि जो भी फैसला होगा, हम उसे स्वीकार करेंगे और मुसलमानों और साथी नागरिकों का सम्मान करने की अपील करेंगे।

मंगलवार को विभिन्न मुस्लिम संगंठनों के धर्मगुरू मुस्लिमों से एकमत से कोर्ट के फैसले का सम्मान करने और इस संबंध में किसी भी तरह की अफवाहों से दूर रहने की अपील कर रहे हैं।
सैयद नसरुद्दीन चिश्ती जो अखिल भारतीय सूफी सज्जादानशीन परिषद के अध्यक्ष है, ने कहा है कि हर कोई इस बात पर एकमत है कि सभी धर्मों के लोगों को सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए। हम सभी दरगाहों के लोगों को दिशा-निर्देश देंगे कि वे अफवाहों और नकली खबरों पर विश्वास न करें।

इससे पहले केंद्र सरकार किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सतर्क हो गई है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र ने युपी सरकार को लगभग 4000 अतिरिक्त अर्धसैनिक बल दिए हैं। ये सभी सुरक्षाकर्मी फैसला आने के दौरान और उसके बाद में उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति बनाए रखने के लिए 18 नवंबर तक विभिन्न संवेदनशील जिलों में तैनात रहेंगे।

सोमवार को एक गृह मंत्रालय द्वारा निर्णय लिया गया जिसमें 15 सुरक्षा एजेंसियों को उत्तर प्रदेश में 18 नवंबर तक तैनात करने के आदेश दिए गए हैं। समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा विशेष रूप से एक्सेस किए गए दस्तावेज़ के अनुसार, अर्धसैनिक बलों की 15 कंपनियों में बीएसएफ, आरएएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबी की तीन कंपनियां शामिल हैं। ये सभी जवान 11 नवंबर तक राज्य में तैनात कर दीए जाएंगे।