आपकी हद से ज्यादा चुप्पी बना सकती है आपको दिल का मरीज

New Delhi: हम में लगभग ज्यादातर लोग अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए चुप रहना एक बेहतर विकल्प समझते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करके वो अपने रिश्तों को बचा रहे हैं। लेकिन उन्हें इस बात का पता नहीं होता कि ऐसा करके वो खुद को बीमार भी बना रहे होते हैं।

ये बात तो लगभग सभी लोग जानते हैं कि उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए उनका खुल कर अपने मन की बातों को अभिव्यक्त करना कितना जरूरी होता है लेकिन उतना ही जरूरी ये उनके शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी है। जो लोग खुद को अपनी बात कहने से रोकते हैं उनको स्ट्रोक या फिर दिल की दूसरी बी’मारियां होने का ख’तरा ज्यादा होता है।

अपने रिश्तों में आने वाले वि’वाद को टालने के चक्कर में आप खुद को बीमार ना बना लें इस बात का भी आपको ध्यान रखना चाहिये। इसके लिए 304 महिलाओं का अध्ययन किया गया। रिसर्च के नतीजों से इस बात का पता चला कि अपनी बात कहने से खुद को रोकने से दिल की बी’मारी और डि’प्रेशन का ख’तरा बढ़ जाता है।

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इस अध्ययन से इस बात का पता चलता है कि खुद की बात को दूसरों के सामने रखना आपके लिए कितना ज्यादा जरूरी है। ऐसा ना करके आप मानसिक रूप से तो अपने लिए प’रेशानी खड़ी करते हैं ही साथ ही आप अपने शरीर को भी एक घा’तक बी’मारी की च’पेट में आने का ख’तरा बढ़ा लेते हैं। दिल की बी’मारी पूरी दुनिया में मौ’त का नंबर 1 कारण हैं ऐसे में हमे इससे ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है।