अयोध्या पर आया ऐतिहासिक फैसला: पूरे जम्मू-कश्मीर में लगाई गई धारा 144

New Delhi: अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ चुका है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा-विवादित जमीन को रामजन्मभूमि न्यास को दी जाए। राम लला का दावा बरकरार है। पक्षकार गोपाल विरसाद को पूजा का अधिकार मिलेगा। कोर्ट ने मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट बनाने के आदेश दिए हैं इस फैसले के बाद एहतियातन जम्मु कश्मीर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे राज्य में धारा 144 लागू कर दी गई है।

कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिमों को दूसरी जगह दी जाए। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिमों को दूसरी जगह देने के लिए ट्रस्ट बनाया जाए। मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन अलॉट की जाए।

कोर्ट ने कहा- अंग्रजों के समय में नमाज को कोई सबूत नहीं। विवादित जमीन पर मुस्लिम दावा नहीं साबित कर पाए। हिंदू सीता रसोई में पूजा करते थे। मुस्लिम पक्ष का जमीन पर कोई विशेष कब्जा नहीं है।

गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर एक उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठक बुलाई। बैठक में भाग लेने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल, इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) के प्रमुख अरविंद कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारी आए हुए हैं।

अयोध्या फैसले के मद्देनजर राजस्थान में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गईं हैं। जयपुर में आज सुबह 10 बजे से 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर प्र’तिबं’ध लगा दिया गया है। सोशल मीडिया में अ’फवाहों का बाजार हमेशा से गर्म ही रहता है। राज्य में हिं’सा न भड़के और सांप्रदायिक दं’गे न हों, इस वजह से जिला प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वि’वादित स्थल को 2: 1 के अनुपात में हिंदू और मुस्लिम वादियों के बीच विभाजित किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दोनों पक्षें ने शीर्ष अदालत का रुख किया था और आज वो घड़ी आ गई है जब दोनों में से किसी एक पक्ष की जीत होगी।

फैसले के मद्देनजर देश में धार्मिक हिं’सा को रोकने के लिए अलर्ट पर रखा गया है। फैसले को लेकर दं’गें-फ’साद होने की आशंका में सुरक्षा व्यवस्था पूरे देश भर में चौकस कर दी गई है। इस भावनात्मक मुद्दे पर फैसले के बाद हिं’सा भ’ड़क सकता है।