जम्मू-कश्मीर में लगी पाबंदियों के विरोध में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

New Delhi: जम्मू कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के हटाए जाने के बाद सरकार द्वारा लगाई गई पाबंदियों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला सुरक्षित कर लिया गया। राज्य में लगी इन्टरनेट, मीडिया और टेलीफोन सेवाओं पर पाबंदियों के विरोध में कोर्ट में कई याचिकाएं आई थी जिसकी आज सुनवाई पूरी कर ली गई।

जस्टिस एन वी रमणा, आर सुभाष रेड्डी और बी आर गवई की पीठ ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद, कश्मीर टाइम्स की संपादक अनुराधा भसीन सहित कई नेताओं और लोगों ने इसके विरोध में याचिका दाखिल की थी। इन सभी याचिकाओं पर पिछले कई दिनों से सुनवाई जारी थी जो आज इस तीन सदस्ययी पीठ ने पूरी कर ली।

केंद्र सरकार द्वारा अगस्त में अनुच्छेद 370 को खत्म करने और जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांटने के बाद याचिका दायर की गई थी। इसके बाद सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर, फ़ोन लाइनें और इंटरनेट इस क्षेत्र में बंद कर दिए थे।

बता दें कश्मीर में पूरे 70 दिनों के बाद मोबाइल सेवाएं शुरू की गई थी। फिलहाल सरकार ने पोस्टपेड मोबाइल पर कॉलिंग की सुविधा शुरू की है। वहीं राज्य में अभी 2G इंटरनेट सेवाएं शुरू हुई हैं। घाटी में करीब 66 लाख मोबाइल उपभोक्ता हैं। इनमें से 40 लाख उपभोक्ताओं के पास पोस्ट पेड सुविधा है। पर्यटकों के लिए घाटी को खोले जाने के दो दिन बाद यह फैसला हुआ था। पर्यटकों से जुड़े संगठन ने प्रशासन से अनुरोध किया था कि अगर मोबाइल फोन काम नहीं करेंगे तो कोई भी पर्यटक घाटी नहीं आना चाहेगा।