अभी-अभी : सुप्रीम कोर्ट का सबसे बड़ा फैसला, राम जन्मभूमि न्यास को मिलेगी विवादित जमीन

New Delhi : अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आ रहा है। इस फैसले का पूरे देश को इंतजार था। मुख्यन्यायाधीश ने कहा-विवादित जमीन को रामजन्मभूमि न्यास को दी जाए। राम लला का दावा बरकरार है।

मुस्लिमों को दूसरी जगह दी जाए। कोर्ट ने कहा है कि मुस्लिमों को दूसरी जगह देने के लिए ट्रस्ट बनाया जाए। मुस्लिमों को 5 एकड़ जमीन अलॉट की जाए।

कोर्ट ने कहा- अंग्रजों के समय में नमाज को कोई सबूत नहीं। विवादित जमीन पर मुस्लिम दावा नहीं साबित कर पाए। हिंदू सीता रसोई में पूजा करते थे। मुस्लिम पक्ष का जमीन पर कोई विशेष कब्जा नहीं है।

CJI ने कहा कि 1949 में दो मूर्तियां रखी गईं। उन्होंने कहा कि मस्जिद बाबर के दौर में बनाई गई। मस्जिद मीर बाकी ने बनाई थी। कोर्ट ने निर्मोही अखाड़े का दावा भी खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि निर्मोही अखाड़े को सेवायत का अधिकार नहीं है।

कोर्ट ने कहा कि बाबरी मस्जिद खाली जमीन पर नहीं बनी थी। हम खुदाई में मिले सबूतों को नजरअंदाज नहीं कर सकते। खुदाई में जो मिला वो इस्लामिक ढांचा नहीं था। ASI ने अपनी रिपोर्ट में मंदिर की बात कही है। ASI ने मस्जिद या ईदगाह का जिक्र नहीं किया है। अयोध्या में राम के जन्म के दावे का किसी ने विरोध नहीं किया।

40 दिन तक हुई रोजाना सुनवाई : इस मामले की 6 अगस्त से सुप्रीम कोर्ट में रोजाना सुनवाई शुरू हुई जो 16 अक्टूबर को खत्म हुई। सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अगुवाई वाली पांच जजों की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पीठ में न्यायमूर्ति बोबडे, न्यायमूर्ति धनंजय वाई चन्द्रचूड, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर थे।

क्या था इलाहाबाद हाईकोर्ट का फैसला : 30 सितंबर, 2010 को इलाहाबाद हाई कोर्ट ने अयोध्या के विवादित स्थल को राम जन्मभूमि करार दिया था। हाई कोर्ट ने 2.77 एकड़ जमीन का बंटवारा कर दिया गया था। कोर्ट ने सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्माही अखाड़ा और रामलला के बीच जमीन बराबर बांटने का आदेश दिया था।

केस से जुड़ी तीनों पार्टियां निर्मोही अखाड़ा, सुन्नी वक्फ बोर्ड और रामलला विराजमान ने यह फैसला मानने से इनकार कर दिया था। हाई कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में 14 अपील दायर की गई। यह मामला पिछले नौ वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।

अयोध्या में धारा 144 लागू : फैसले के मद्देनजर अयोध्या में धारा 144 लागू है। साथ ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या में अर्धसैनिक बलों के 4000 जवानों को तैनात किया गया है। अधिकारी ने बताया कि राज्यों को सभी संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षाकर्मी तैनात रखने और यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि देश में कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो।