शादी के18 दिन बाद ही देश के लिए शही’द हो गए सौरभ कटारा, जन्मदिन के दिन ही दी शहा’दत

New Delhi : राजस्थान में भरतपुर के रहने वाले 22 साल के सौरभ कटारा आर्मी की 28वीं राष्ट्रीय राइ’फल में तैनात थे और उनकी ड्यूटी जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में थी जहां मंगलवार रात को ब’म ब्ला’स्ट में वह शही’द हो गए। शही’द सौरभ कटारा की शादी इसी साल 8 दिसंबर को ही हुई थी। शादी के बाद वह 16 दिसंबर को वापस अपनी ड्यूटी के लिए कुपवाड़ा चले गए थे। बर्थडे पर नई-नवेली पत्नी अपने पत‍ि को व‍िश करना चाहती थी, उसी द‍िन शही’द होने की खबर आ गई।

शही’द सौरभ कटारा का बुधवार को जन्मदिन भी था। शही’द के परिजन और नवव‍िवाह‍िता पत्नी जन्मदिन मनाने की तैयारी कर ही रहे थे क‍ि इतने में उनको खबर मिली क‍ि सौरभ बम ब्ला’स्ट में शही’द हो गए जिसके बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ सा टू’ट गया था। शही’द सौरभ कटारा को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों की संख्या में जनसैलाब उमड़ पड़ा और हजारों लोगों ने नम आखों से शही’द को अंतिम विदाई दी। साथ ही इस मौके पर शही’द की नवव‍िवाह‍िता पत्नी पूनम देवी का रो-रो’कर बुरा हाल था। वह भी अपने शही’द पति को अंतिम विदाई देने के लिए श्मशान तक पहुंची। वहीं, शही’द के पिता नरेश कटारा व दो भाई और मां सहित दादा व दादी का भी रो-रोकर बुरा हाल था।

शही’द की पत्नी पूनम देवी को कुछ भी समझ नहीं आ रहा था क‍ि कुछ दिन ही पहले उनका पति उनसे जल्दी आने की बात कहकर गए थे, फिर उनका शव ही वापस आया। पत्नी का भी रो-रो’कर बुरा हाल था और कई बार वह बेहोश भी हो गई लेकिन हिम्मत रखकर वह श्मशान तक अपने पति की अर्थी के साथ पहुंची और उसको अंतिम विदाई दी। शही’द सौरभ कटारा के पिता नरेश कटारा खुद भी आर्मी में थे जो 2002 में सेवानिवृत हो गए। उन्होंने 1999 में कारगिल यु’द्द में भाग लिया था। साथ ही सौरभ का बड़ा भाई गौरब कटारा खेती करता है और छोटा भाई अनूप कटारा एमबीबीएस कर रहा है।

सौरभ आर्मी से छुट्टी लेकर विगत 20 नवंबर को अपनी बहन दिव्या की शादी में आया था और बाद में फिर 8 दिसंबर को उसकी खुद की शादी थी। इसलिए वह बहन और अपनी शादी करने के बाद 16 दिसंबर को वापस छुट्टी काटकर अपनी ड्यूटी पर चले गए थे। सौरभ की पत्नी पूनम देवी की अभी हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि उनके पति के शही’द होने खबर आई। शही’द के पिता नरेश कटारा ने बताया क‍ि मैंने आर्मी में रहकर खुद कारगिल यु’द्ध ल’ड़ा है। मुझे गर्व है क‍ि मेरा पुत्र देश के लिए शही’द हुआ है। साथ ही में अब अपने छोटे पुत्र अनूप कटारा को भी देश सेवा के लिए आर्मी में भेजूंगा