बिहार में कुत्तों, घोड़ों और यहां तक कि लाठी के नाम पर भी है जमीन का पंजीकरण: सत्यपाल मलिक

New Delhi: गोवा के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने मंगलवार को कहा कि बिहार में कुत्तों, घोड़ों और यहां तक कि लाठी के नाम पर भी जमीन का पंजीकरण हुआ है। उन्होंने कहा कि बिहार में जमींदारी उन्मूलन अधिनियम, उत्तरप्रदेश की तरह सही ढंग से लागू नहीं हो पाया। मलिक गोवा विश्वविद्यालय मैदान में 70वें संविधान दिवस के मौके पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे।

उन्होंने कहा, जमींदारी उन्मूलन अधिनियम सबसे बेहतर तरीके से उत्तरप्रदेश में लागू हुआ था।। मैं बिहार का राज्यपाल था। बिहार में जमींदारी के बारे में क्या कहा जाए। बिहार में कुत्तों, घोड़ों और यहां तक ​​कि लाठी के नाम पर जमीन दर्ज की जाती है। आज भी कुछ जमींदारों के पास पांच हजार बीघा तक जमीन है।

मलिक ने आगे कहा, जो लोग वहां (जम्मू और कश्मीर) में लोकतांत्रिक रूप से चुने गए थे। दो पीढ़ियों पहले उनके दादा स्कूल के शिक्षक थे, लेकिन आज उनके पास श्रीनगर, दिल्ली, दुबई, लंदन और फ्रांस में घर हैं। कई होटलों में उनकी भागीदारी भी है। मैंने लोकतंत्र का इतना दुरुपयोग देखा है। लेकिन इसका इलाज लोकतंत्र में उपलब्ध भी है। उनके खिलाफ जांच चल रही है, उनमें से कुछ जेल जाएंगे।

मलिक 30 सितंबर 2017 से लेकर 21 अगस्त 2018 तक बिहार के राज्यपाल थे। बिहार के बाद वह जम्मू- कश्मीर के राज्यपाल रहे और इस समय गोवा के राज्यपाल हैं।

श्रीलंका राष्ट्रपति राजपक्षे बोले- चीन को हम्बनटोटा बंदरगाह लीज पर देना पिछली सरकार की गलती थी