क्या फिल्में और लिपस्टिक हमारी आर्थिक स्थिति को सुधार रहे हैं, रवि शंकर प्रसाद का लॉजिकनामा

New Delhi : रवि शंकर प्रसाद ने हाल ही में एक बयान दिया है। उनका कहना है कि जब बॉलीवुड की तीन फिल्में पहले ही दिन 120 करोड़ का बिजनेस कर रही हों तो देश की आर्थिक व्यवस्था सुधरने का चांस ज्यादा हैं। भारत की बिगड़ी हालत में जहां हर तरफ से इकोनॉमी धराशायी हो रही हो वहां सिर्फ एक ही चीज में तरक्की हो रही है वो है लिपस्टिक की बिक्री में।

कबीर सिंह और उरी का करोड़ों का बिजनेस।
कबीर सिंह और उरी का करोड़ों का बिजनेस।

प्रसाद कहते हैं कि जब आर्थिक व्यवस्था डांवाडोल हो रही हो तो ऐसे में लोगों का चीजें खरीदने से भरोसा उठ जाता है। ऐसी स्थिति में लोग उन चीजों को खरीदना पसंद करते हैं जिन्हें खरीदने से उनके बजट पर ज्यादा असर ना पड़े। जैसे महिलाएं लिपस्टिक खरीदती हैं और पुरूष गैजेट। फिल्में देखना भी उनके जीवन का अहम हिस्सा बन जाता है जिससे बॉक्स ऑफिस की कमाई बढ़ जाती है।

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इकोनॉमिस्ट कहते हैं कि बजट के घटने से लोग छोटी छोटी चीजों में खुशियां ढूंढने लगे हैं। ऐसे में लोगों का एक ही मकसद है कि वो खुशियों में मन लगाकर अपने बुरे वक्त को भुला सकें। PVR के स्टॉक 11.94 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं। दूसरी ओर INOX 52 हफ्तों में 34.86 प्रतिशत तक पहुंच गया है। ये सब फिल्मों का बढ़ता बिजनेस कहता है। लोग घूमने, खाने और एंटरटेनमेंट में पैसे लगा रहे हैं।