राम मंदिर निर्माण की देरी से नाराज स्वामी परमहंस ने दी चेतावनी, 6 दिसंबर को करेंगे आत्मदाह

NEW DELHI: loksabha elections 2019 को लेकर राजनीति पार्टी सक्रिय हैं, हर कोई अपने एजेंडा बनाकर उस पर काम कर रहे हैं। इस कड़ी में BJP के तमाम एजेंडे में शामिल ram mandir के निर्माण का मुद्दा गले की फांस बन चुका हैं, क्योंकि पिछले चुनाव में भी बीजेपी राम मंदिर के सहारे ही सत्ता में काबिज हो पाई थी। लेकिन अब यही राम मंदिर का मुद्दा बीजेपी की राह में मुश्किलें खड़ा कर रहा हैं। लोगों की मांग हैं कि राम मंदिर पर कानून लाया जाए और जल्द ही राम मंदिर का निर्माण कराया जाये।

इस कड़ी में संत स्वामी परमहंस दास ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर राम मंदिर का निर्माण नहीं हुआ तो वह आत्मदाह कर लेंगे। दरअसल, स्वामी परमहंस दास ने चेतावनी दी है कि सरकार अगर 6 दिसंबर तक ये नहीं बताएगी कि राम मंदिर का निर्माण कार्य कब शुरू होगा, तो वो 6 दिसंबर को आत्मदाह कर लेंगे। आपको बता दें कि स्वामी परमहंस राम मंदिर निर्माण के लिए कानून बनाने की मांग को लेकर अक्टूबर के महीने में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे थे।

yogi adityanath

भूख हड़ताल के एक हफ्ते में ही स्वामी परमहंस की तबीयत बिगड़ने लगी थी। जिसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया था, जहां काफी जद्दोजहद के बाद स्वामी परमहंस इलाज कराने के लिए तैयार हुए थे। इससे पहले, स्वामी परमहंस दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि नेता संतों के प्राण के भूखे हैं। जब संतों के प्राण चले जाते हैं तो नेता श्रद्धांजलि देने आते हैं।

वहीं योगगुरु रामदेव बाबा का भी बयान सामने आया हैं। रामदेव ने कहा कि मोदी सरकार को राम मंदिर का निर्माण अयोध्या में करने के लिए संसद में प्रस्ताव लाना चाहिए। तब इस प्रस्ताव का कोई भी दल विरोध नहीं कर पाएगा, साथ ही उन्होंने राम मंदिर के लिए ट्रस्ट बनाए जाने की मांग की। रामदेव ने कहा कि राम मंदिर पर सुलह का रास्ता निकालने में राज्य और केंद्र सरकार नाकामयाब रही है। कोर्ट से इस मामले में निर्णय नहीं निकलेगा, कोर्ट से कुछ होगा, इसकी संभावना नहीं है। बहुत पेचीदा मामला है। राम के मामले में कोर्ट क्या करेगा? हमारे पूर्वजों पर फैसला कोर्ट करेगा क्या?