अभी-अभी: नहीं रहे क्रिकेट को ‘भगवान’ देने वाले गुरु रमाकांत ,87 वर्ष की उम्र में हुआ निधन

New Delhi: दिग्गज क्रिकेटर और भारत रत्न सचिन तेंदुलकर के कोच रमाकांत आचरेकर का बुधवार को मुंबई में निधन हो गया। बता दें कि, वह लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे थे और आज 87 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। सचिन के बचपन से क्रिकेट के भगवान बनाने में आचरेकर का योगदान सबसे ज्यादा रहा है। सचिन तेंदुलकर के अलावा उन्होंने विनोद कांबली, प्रवीण आमरे, समीर दिगे और बलविंदर सिंह संधू जैसे क्रिकेटरों के निखारा है।

 

मुंबई में ली आखिरी सांस

रमाकांत आचरेकर युवा क्रिकेटरों के लिए एक प्रेरणास्रोत रहे हैं। 1988 में सचिन तेंदुलकर और विनोद काबंली ने स्कूल क्रिकेट में 664 रनों की पारी खेलकर नया रिकॉर्ड बनाया खा। सचिन की उम्र उस समय 15 साल से भी कम थी। वहीं, कांबली 16 साल के थे। उन्होंने शारदाश्रम विद्यामंदिर की ओर से खेलते हुए सेंट जेवियर्स के खिलाफ हैरिस शील्ड सेमीफाइनल में 326 और 349 रनों की पारी खेली थी। इस समय उनके कोच रमाकांच आचरेकर ही थे।

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हाल ही में सचिन ने गुरु पूर्णिमा पर ट्वीट कर अपने बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर के प्रति सम्मान व्यक्त किया था। तेंदुलकर ने टि्वटर पर इस मुलाकात का कैप्शन शेयर किया। तेंदुलकर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा था, ‘उस शख्स के साथ एक खास शाम जिसने हमें बहुत कुछ सिखाया और हमें वह बनाया जो हम आज हैं। मुंबई कैंप की शुरुआत करने के लिए हमें उनके आशीर्वाद की जरूरत है।”अपने क्रिकेट करियर के लिए सचिन हमेशा से आचरेकर सर का शुक्रिया अदा करते आए हैं. बीते दिनों सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि उनके बचपन के कोच रमाकांत आचरेकर ने उन्हें करियर की शुरुआत में ही फिटनेस की अहमियत बता दी थी।