केरल विधानसभा में सबरीमाला मंदिर का शोर,मंत्री बोले- वोटबैंक के लिए कांग्रेस अपना रही BJP का राग

NEW DELHI: केरल विधानसभा में सबरीमाला मंदिर का मुद्दा जमकर शोरगुल कर रहा हैं। आज केरल विधानसभा में देवस्वाम मंत्री कदकंपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि लोकसभा चुनाव और वोट बैंक के चलते कांग्रेस बीजेपी को फॉलो करने की कोशिश कर रही है। कदकंपल्ली सुरेंद्रन ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं को भेजने के लिए हम खिलाफ नहीं हैं, लेकिन सरकार चाहती हैं कि अनुसूचित जाति के फैसले को लागू किया जाये।

Sabarimala

आपको बता दें कि 3 दिसंबर को सबरीमाला मंदिर मुद्दे को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन औप विपक्ष के नेता रमेश चेत्रीतला के बीच तीकी नोंक-झोंक हो गई। जिसके कारण सदन की कार्रवाई चौथे दिन भी बाधित हुई। यूडीएफ के तीन विधायकों ने सबरीमाला मंदिर मुद्दे को लेकर सदन के प्रवेश द्वार पर अनिश्नितकालीन सत्याग्रह भी शुरू कर दिया। बैठक के दौरान नोंकझोंक लगातार जारी रहने के बाद कांग्रेस की अगुवाई वाले विपक्ष यूडीएफ के विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष पी श्रीरामकृष्णन ने सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया।

सबरीमाला पर महिलाओं के प्रवेश को लेकर मचे बवाल को लेकर एहतियात के तौर पर सबरीमाला मंदिर के आसपास धारा-144 को 8 दिसंबर की मध्य रात्रि तक बढ़ा दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, स्पेशल ऑफिसर और अडिशनल मैजिस्ट्रेट इंचार्ज द्वारा जमा की गई रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया गया है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को दिए फैसले में भगवान अय्यपा के मंदिर में 10 से 50 साल की बच्चियों और महिलाओं के प्रवेश पर लगे सदियों पुराने प्रतिबंध को खत्म कर दिया था।

वहीं विरोध-प्रदर्शन और आंदोलनों में बच्चों को ‘ढाल’ बनाने पर राज्य की सामाजिक न्याय मंत्री केके शैलजा ने कि प्रदर्शन और आंदोलन में बच्चों को शामिल करना किशोर न्याय कानून के खिलाफ है और इससे बाल सुरक्षा कानून का उल्लंघन होता है। उन्होंने कहा कि हाल के सबरीमाला आंदोलन सहित कई आंदोलनों में बच्चों का ढाल के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों को ढाल के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देगी और ऐसे कार्य के खिलाफ हम कार्रवाई करेंगे।