विदेश मंत्री बोले- ईरान के कब्जे से 18 भारतीयों को छुड़ाने की कोशिश जारी

New Delhi: ईरान द्वारा शनिवार को होरमुज की खाड़ी से जब्त किए गए ब्रिटेन के एक तेल टैंकर के 23 क्रू सदस्यों में 18 भारतीय भी शामिल हैं। इस घटना के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है।

ईरान ने ब्रिटिश झंडे वाले जहाज-स्टेना इम्पेरो को शुक्रवार को जब्त किया है जिसमें क्रू के तौर पर भारतीय, रूसी, लातवियाई और फिलिपिनी नागरिक कार्यरत हैं। ईरान द्वारा जब्त किए गए ब्रिटिश टैंकर के चालक दल के बीच भारतीयों की रिपोर्ट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि टीम एमईए पहले से ही स्टेना इम्पेरो के सभी 18 भारतीय क्रू के सदस्यों की जल्द रिहाई और प्रत्यावर्तन पर काम कर रही है। उन्होंने आगे कहा कि तेहरान में हमारी एम्बेसी इस मामले को सुलझाने के लिए ईरानियन अथॉरिटीज से लगातार संपर्क बनाए हुए है।

रविवार को ही केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन ने विदेश मंत्री एस जयशंकर को पत्र लिखकर सभी क्रू सदस्यों की सुरक्षित रिहाई सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाने की मांग की थी।

जिस कंपनी का टैंकर जब्त हुआ, उसने बयान जारी कर कहा कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने यूके के झंडे वाले स्टोना इम्पेरो को अंतर्राष्ट्रीय सीमा में ही हेलिकॉप्टर्स और चार जहाजों की मदद से घेरा और कब्जे में ले लिया। वहीं ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड ने अपनी वेबसाइट पर टैंकर जब्त करने की जानकारी दी थी। इसमें कहा गया था कि टैंकर को अंतर्राष्ट्रीय समुद्री कानूनों का पालन न करने के लिए जब्त किया गया।

ब्रिटेन, अमेरिका और नाटो देशों ने ईरान से टैंकर छोड़ने को कहा है। हालांकि तेहरान ने इन सभी अपीलों को नजर अंदाज कर दिया है।

वहीं रविवार को ईरान की सेना ने तेल टैंकर स्टेना इम्पेरो को पकड़े जाने का एक वीडियो जारी किया। वीडियो देखें…

इसमें देखा जा सकता है कि किस तरह ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने शुक्रवार को होर्मुज जलडमरूमध्य में तेल टैंकर को चारों तरफ से घेरकर उस पर कब्जा किया था। वीडियो में ईरानी सैनिकों को ब्लैक मास्क में हेलीकॉप्टर से टैंकर पर उतरते और उस पर कब्जा करते देखा जा सकता है। इसके अलावा चार नौकाओं को टैंकर को घेरते देखा जा सकता है।