कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते भारतीय रूपया हुआ कमजोर, भारी गिरावट दर्ज

New Delhi: भारतीय रुपया सोमवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से गिर गया क्योंकि सऊदी अरब के तेल बुनियादी ढांचे पर ड्रोन हमलों के बाद तेल की कीमतें आसमान छू रही थीं। अन्य एशियाई मुद्राएं भी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हो रही हैं। रुपये ने 70.42 के पिछले बंद की तुलना में 71.42 डॉलर प्रति डॉलर तक गिर कर आज कारोबार करना शुरू किया।

प्रमुख उत्पादक सऊदी अरब में कच्चे तेल की आपूर्ति पर सप्ताहांत के हमलों के बाद तेल की कीमतें आज चार महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गईं, जिससे आपूर्ति भय पैदा हो गया। 71.57 पर खुला, रुपया आज दिन में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 71.42 से 71.67 के बीच कारोबार करता दिखा है। दोपहर 12:29 बजे, रुपया 71.50 डॉलर प्रति डॉलर पर कारोबार कर रहा था।

भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले तेजी से गिर रहा है। हाल ही में भारतीय रुपया इस साल के निचले स्तर 72.25 पर आ गया। इस साल अब तक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया करीब 3.5% नीचे है।

हाल ही में जारी की गए जीडीपी के आकड़ो के अनुसार जीडीपी विकास दर भी 2019 के पहले तीमाही में 5 प्रतिशत पर आ गई है। वित्त मंत्रालय द्वारा अगस्त महीने के जीएसटी कलेक्शन की जानकारी सार्वजनिक कर दी गई। रविवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का जीएसटी कलेक्शन 1 लाख करोड़ रुपये से घटकर 98,202 करोड़ रुपये रह गया।

गौरतलब है कि देश में आर्थिक मंदी लगातार गहराती चली जा रही है जिसके चलते लोगों की नौकरी जा रही है और वित्तीय सं’क’ट का ख’त’रा गहरा रहा है। हाल ही में ऑटोमोबाइल सेक्टर में गई हजारों नौकरियां चिं’ता का विषय है।तमाम कंपनियाों की हालत भी ख’स्ता है।ऐसे में सरकार को इस समस्या से उबरने के लिए मजबूत कदम उठाने की ज़रूरत है।