ED का दावा- मिशेल ने लिया सोनिया का नाम, RPN सिंह बोले, ओवर टाइम कर रहे BJP के स्क्रिप्ट राइटर

New Delhi: अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले में बिचौलिये की भूमिका निभाने वाले क्रिश्चियन मिशेल को दिल्ली की पटियाला कोर्ट में पेश कर ईडी ने कहा कि क्रिश्चियन मिशेल ने मिसेज गांधी का नाम लिया है, लेकिन किस संदर्भ में लिया हैं ?., इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता हैं। ईडी ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट से कहा कि क्रिश्चियन मिशेल ने बताया कि कैसे सौदे से HAL को हटा दिया गया था और सौदे की पेशकश टाटा को की गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट को बताया कि क्रिश्चियन मिशेल ने ‘इटैलियन लेडी के बेटे’ के बारे में भी बात की और बताया कि कैसे वह देश का ‘अगला प्रधानमंत्री’ बनने जा रहा है। ईडी के दावों कांग्रेस नेता आरपीएन सिंह ने कहा कि मिशेल पर एक विशेष परिवार का नाम लेने का दबाव है। आखिर क्यों चौकीदार एक परिवार का नाम लेने के लिए सरकारी एजेंसियों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है? बीजेपी के स्क्रिप्ट राइटर ओवर टाइम कर रहे हैं।

मिशेल को 4 दिसंबर को दुबई से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था। इस मामले की जांच कर रही ईडी और सीबीआई ने एक बड़ा खुलासा किया। बताया जा रहा हैं कि क्रिश्चियन मिशेल ने साथियों से बातचीत के दौरान ‘हड्डी पाने वाले कुत्ते’ की बात का जिक्र किया था। जिसके बाद अब भारतीय जांच एजेंसियां अगस्ता वेस्टलैंड के सीनियर अधिकारियों व मिशेल, गुडो हैशके और कार्लो गेरोसा के बीच हुए बातचीत को डिकोड करने की कोशिश कर रही हैं। यह बातचीत 8 फरवरी 2008 का है।

RPN Singh

बातचीत में ये लोग वीवीआईपी हेलिकॉप्टर डील में कई लोगों को शामिल करने की चर्चा कर रहे थे। जिन लोगों को शामिल करने की चर्चा की गई, उनमें सीवीसी, डिफेंस सेक्रेटरी, रक्षा मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (एयर), वायुसेना के मेंटेनेंस कमांड और हेलिकॉप्टरों की फ्लाइट इवैल्युएशन टीम शामिल है। एजेंसियों को शक है कि इस बारे में एक नोट मिशेल ने लिखा। सूत्रों के मुताबिक, इसकी शुरुआत डील पर चर्चा करने के लिए लंच आयोजित करने के जिक्र से हुई थी।

नोट में जीएच (गुडो हैशके) को लंच के लिए शुक्रिया अदा किया गया। साथ ही कहा गया,कि उम्मीद है कि कुत्ते को हड्डी पसंद आई होगी। सीबीआई और ईडी को इस बात का शक है कि सौदे से जुड़ा भारत का कोई शख्स इस लंच में मौजूद था और उसका ही जिक्र कुत्ते के तौर पर इस नोट में किया गया।

आपको बता दे कि 2010 में भारतीय वायुसेना के लिए 12 वीवीआईपी हेलिकॉप्टर खरीदने के लिए एंग्लो-इतावली कंपनी अगस्ता-वेस्टलैंड और भारत सरकार के बीच कॉन्ट्रेक्ट हुआ था। लेकिन जनवरी 2014 में कॉन्ट्रेक्ट की शर्ते पूरी न होने पर भारत सरकार ने 3600 करोड़ रुपये के करार को रद्द कर दिया। लेकिन उस वक्त भारक 30 फीसदी कॉन्ट्रेक्ट का भुगतान कर चुकी थी और 3 हेलिकॉप्टरों के भुगतान की प्रक्रिया चल रही थी।

रक्षा मंत्रालय ने इस मामले में सीबीआई जांच के आदेश दिए। जांच में कई पूर्व वायुसेना प्रमुख और अधिकारियों के नाम सामने आए। इसके अलावा, इटली के एयरोस्पेस फिनमेकानिका के पूर्व मुखिया ओरसी को भी गिरफ्तार किया गया, जिसे कोर्ट ने दोषी करार दिया। इस जांच में सौदे में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स का भी नाम सामने आया। जिसके बाद मिशेल जेम्स को भारत लाया गया और 2015 में कोर्ट ने मिशेल जेम्स के खिलाफ गैर जमानती गिरफ्तारी वांरट जारी कर दिया।